साधु-संतों व गौ भक्तों का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
मालपुरा (सच्चा सागर)। गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ का सम्मान दिलाने और भारत को गौ हत्या मुक्त राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ सोमवार को मालपुरा में साधु-संतों और गौ भक्तों द्वारा एक विशाल जन-जागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत गांधी पार्क, मालपुरा में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। इसके बाद गौ भक्तों ने एकजुट होकर विशाल रैली के रूप में तहसील कार्यालय की ओर प्रस्थान किया। जहां गौ माता को राष्ट्र माता का सम्मान दिलाने, गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गौ संरक्षण के लिए राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। रैली के दौरान ‘गौ माता राष्ट्र माता’, ‘गौ हत्या बंद करो’ और ‘बूचडख़ाने बंद करो’ जैसे जयघोषों से पूरा शहर गूंज उठा। इस जन-जागरण कार्यक्रम में क्षेत्र के संत-महात्माओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिलाओं और युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। सभी ने मिलकर गौ माता के सम्मान और संरक्षण के लिए अपनी आवाज बुलंद की। ज्ञापन में बताया कि राजस्थान की प्राचीन परंपराओं का अनवरत प्रवाह और हमारी सांस्कृतिक विरासत का सम्पोषण सदेव गोवंश के सानिध्य में ही फलीभूत हुआ है। राजस्थानी संस्कृति की कल्पना गो माता के बिना असंभव है। गो भक्तों ने बताया कि स्वतंत्रता के समय प्रति व्यक्ति 10 गोवंश की उपलब्धता थी, वह आज निरंतर घटकर प्रति 10 व्यक्ति 1 गोवंश के चिंताजनक स्तर तक पहुँच गई है। आज हमारा देशी गोवंश विलुप्ति की कगार पर है, जिसके परिणामस्वरूप न केवल हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था बल्कि भारत की मूल लोकतांत्रिक और सांस्कृतिक जड़ें भी कमजोर हो रही हैं। वर्तमान में गो-तस्करी, बूचडख़ानों में निर्मम वध, सडक़ों पर बढ़ती दुर्घटनाओं और नगरीय क्षेत्रों में पॉलिथीन भक्षण के कारण प्रतिदिन लाखों गोवंश काल का ग्रास बन रहा है। गो भक्तों ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करवाना है। गो भक्तों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर दादू द्वारा देवल महंत श्री रामझूलन दास, रामशरण दास, मनीष दास, लांबाहरिसिंह गौ भक्त संजय पाराशर, चित्रकार रमाकांत शर्मा सहित बड़ी संख्या में गो भक्तों महिलाएं पुरुष मौजूद रहे।
