निवाई में सिद्ध चक्र मण्डल विधान की पूर्णाहुति, विश्व शांति महायज्ञ के साथ समापन
भगवान पार्श्वनाथ जी की रथयात्रा निकाली गई
निवाई - सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय श्री सिद्ध चक्र मण्डल विधान का समापन विश्व शांति महायज्ञ के साथ धूमधाम से किया गया जिसमें सेकंडों श्रद्धालुओं ने हवन कुण्डो में आहुतियां देकर पूजा अर्चना की। जैन समाज के प्रवक्ता सुनील भाणजा एवं विमल जौंला ने बताया कि आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज एवं मुनि हितेन्द्र सागर महाराज संध के सानिध्य में विधानाचार्य पण्डित मुकेश शास्त्री विनम्र गुड़गांव हरियाणा एवं विधानाचार्य पण्डित सुरेश कुमार शास्त्री के निर्देशन में विधिवत मंत्रोच्चार द्वारा भगवान चंद्र प्रभु एवं भगवान पार्श्वनाथ जी की महाशांतिधारा करने का सौभाग्य सोधर्म इन्द्र सन्मति कुमार कमलेश देवी जैन परिवार द्वारा एवं दिगम्बर जैन महासमिति महिला अंचल एवं ईकाई निवाई के साथ विशुद्ध वर्धिनी महिला मण्डल एवं समस्त समाज द्वारा शांतिधारा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि सिद्ध चक्र मण्डल विधान की संगीतमय पूजा हुई जिसमें 1024 श्री फल चडा़कर पूजा अर्चना की। इस दौरान मंगलवार को आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज के मंत्रोच्चार द्वारा श्रद्धालुओं ने संगीत के साथ नित्य प्रति पूजा की। जैन समाज के मीडिया प्रभारी विमल जौंला एवं सुनील भाणजा ने बताया कि विधान के समापन के अवसर पर विश्व शांति महायज्ञ आयोजित किया गया जिसमें संत निवास नसियां जैन मंदिर पर सभी 400 महिलाओं एवं पुरुषों ने महायज्ञ के हवन कुण्डो में आहुतियां दी। इस दौरान नसियां जैन मंदिर पर वातावरण धर्ममय हुआ। विधान के पश्चात भगवान चंद्र प्रभु एवं भगवान पार्श्वनाथ जी का सामुहिक कलशाभिषेक किया गया जिसमें श्रद्धालुओं ने जयधोष के साथ अभिषेक किया। राकेश संधी बताया कि आठ दिवसीय सिद्ध चक्र मण्डल विधान के समापन समारोह के अवसर पर भगवान पार्श्वनाथ जी की रथयात्रा निकाली गई रथयात्रा नसियां जैन मंदिर से रवाना होकर अहिंसा सर्किल बड़ा बाजार होते हुए दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर पहुंची जहां विद्वान पंडित जी द्वारा श्री जी को गाजे बाजे से मंदिर जी में यथावत विराजमान किया। इस अवसर पर आचार्य वर्धमान सागर महाराज ने धर्म सभा को संबोधित किया।



