निवाई (सच्चा सागर )सर्वोदय विद्या मंदिर में शनिवार को बाल विवाह जैसी गंभीर सामाजिक कुरीति के विरुद्ध एक प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा संचालित ‘बाल विवाह मुक्त भारत – 100 दिवसीय विशेष अभियान’ को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) टोंक तथा सिकोईडिकोन संस्था के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विद्यालय के लगभग 340 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक रतनलाल सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और परिवर्तन का सशक्त माध्यम भी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि 100 दिवसीय अभियान तभी सफल होगा जब प्रत्येक विद्यार्थी इसे अपनी जिम्मेदारी समझे और समाज में इसके खिलाफ अलख जगाए।
कार्यक्रम के दौरान परियोजना समन्वयक देवेंद्र कुमार जांगिड़ ने अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बाल विवाह की पहचान और प्रभावी रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने की बात कही। सिकोईडिकोन संस्था की काउंसलर किरण शर्मा ने बाल विवाह के कारण बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। इस दौरान सिकोईडिकोन संस्था के कार्यकर्ता ममता शर्मा और बुधराम ने भी कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बच्चों को जागरूक करने में सक्रिय सहयोग दिया। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधियों ने बच्चों को उपलब्ध कानूनी सहायता और चाइल्डलाइन हेल्पलाइन 1098 के महत्व के बारे में बताया ताकि किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना गोपनीय रूप से दी जा सके। कार्यक्रम के समापन पर प्रधानाध्यापक रतनलाल सैनी के नेतृत्व में सभी 340 विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उपस्थित अधिकारियों ने बाल विवाह को जड़ से समाप्त करने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने का सामूहिक संकल्प लिया।
