निवाई में सरसों की बुवाई से पहले ही किसानों को डीएपी खाद की चिंता सताने लगी है।
निवाई उपखंड की दहलोद सहकारी समिति में करीब 600 कट्टे डीएपी पहुंचने की सूचना मिलते ही खाद लेने के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लंबी कतारों में खाद लेने के दौरान किसानों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी देखने को मिली।
किसानों का आरोप है कि वितरण व्यवस्था में प्रशासनिक हस्तक्षेप नहीं होने से अव्यवस्था बढ़ रही है। वहीं कुछ लोगों पर सांठगांठ के जरिए बड़ी संख्या में खाद ले जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक खरीफ 2026 में टोंक जिले में डीएपी की मांग 12 हजार दर्ज है। 14 अगस्त तक डीएपी की कुल प्राप्ति 10 हजार 556 और बिक्री 8 हजार 475 दर्ज की गई है।
कृषि विभाग टोंक के संयुक्त निदेशक रामलाल जाट ने बताया कि खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की व्यवस्था मांग और उपलब्धता के अनुसार की जा रही है।
अब किसानों की मांग है कि सरसों की बुवाई से पहले डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो और सहकारी समितियों पर वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए, ताकि हर किसान को नियमानुसार खाद मिल सके।
निवाई में सरसों की बुवाई से पहले ही किसानों को डीएपी खाद की चिंता सताने लगी है।
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