निवाई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर ठगी के दो अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ 6 आरोपी गिरफ्तार, 29 शिकायतों से जुड़े मिले बैंक खाते और मोबाइल नंबर; 10 मोबाइल, 2 एटीएम व नकदी जब्त

निवाई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर ठगी के दो अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ 6 आरोपी गिरफ्तार, 29 शिकायतों से जुड़े मिले बैंक खाते और मोबाइल नंबर; 10 मोबाइल, 2 एटीएम व नकदी जब्त निवाई | साइबर ठगी के खिलाफ निवाई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड और साइबर ठगी से जुड़े 10,180 रुपए नकद बरामद किए हैं। जांच में आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों पर राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर कुल 29 शिकायतें दर्ज होना सामने आया है।
पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतनलाल भार्गव के निर्देशन तथा निवाई वृत्ताधिकारी रविप्रकाश शर्मा की निगरानी में थाना प्रभारी भारती के नेतृत्व में गठित दो टीमों ने कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार पहले गिरोह के आरोपी विकास मीणा और नमोनारायण मीणा सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर आकर्षक गिफ्ट, कपड़े और कैशबैक ऑफर का झांसा देते थे। पीड़ितों से चैटिंग कर कम कीमत में सामान भेजने का भरोसा दिलाते और एडवांस राशि म्यूल बैंक खातों में जमा कराकर ठगी करते थे। इनके बैंक खातों और मोबाइल नंबरों पर एनसीआरपी पोर्टल पर 10 शिकायतें दर्ज मिली हैं। दोनों के कब्जे से चार मोबाइल, दो एटीएम कार्ड और 10,180 रुपए नकद बरामद किए गए। दूसरा गिरोह फर्जी टेलीग्राम चैनल के जरिए ट्रेडिंग एप में पैसा दोगुना करने और मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देकर लोगों को जाल में फंसाता था। आरोपी साइबर ठगी की राशि अलग-अलग फर्जी खातों में ट्रांसफर कराते थे। इस गिरोह से जुड़े मोबाइल नंबरों पर एनसीआरपी पोर्टल पर 19 शिकायतें दर्ज मिली हैं। पुलिस ने चार आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन जब्त किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में विकास उर्फ बाबू मीणा, प्रधान मीणा, विकास मीणा, नमोनारायण मीणा, राकेश कुमार जाट और रमेश मीणा शामिल हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं तथा आईटी एक्ट की धारा 66सी और 66डी के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने देश के विभिन्न राज्यों में कई लोगों को अपना शिकार बनाया है। अब इनके बैंक खातों, मोबाइल डेटा और अन्य नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है, जिससे साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।

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