सतीश पूनिया और अलका गुर्जर भाजपा प्रत्याशी घोषित
राज्यसभा चुनाव भाजपा ने जारी की सूची, अटकलों पर लगा विराम
जयपुर। राज्यसभा में राजस्थान से खाली हो रही तीन सीटों पर 18 जून को होने वाले राज्यसभा सीटों के चुनाव के लिए भाजपा ने आज अपने दो प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है जिसमें सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को प्रत्याशी बनाया गया है। भाजपा की इस घोषणा के साथ ही अटकलों पर विराम लग गया है।
राजस्थान में तीन सीटों पर राज्यसभा चुनाव होना है। इन तीन सीटों पर वर्तमान में दो सीटे भाजपा के पास है इनमें से एक सीट से केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और दूसरे राजेंद्र गहलोत राज्यसभा में सांसद है तथा तीसरी सीट पर कांग्रेस से नीरज डांगी राज्यसभा सांसद है। इन तीनों सीटों का कार्यकाल इसी महीने में 21 जून को समाप्त हो रहा है जिसके लिए चुनाव हो रहे हैं।
भाजपा ने अपनी दो सीटों पर आज राजस्थान से डॉ.सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को राज्यसभा प्रत्याशी बनाया है। भाजपा इन दोनों को प्रत्याशी बनाकर राजस्थान के दो बड़े वोट बैंक को अपने पक्ष में करने के लिए बड़ा संदेश दिया है। डॉ सतीश पूनिया के जरिए जाट समाज को और अलका गुर्जर के जरिए गुर्जर समाज के मतदाताओं को साधने की रणनीति की है और दोनों ही नेता लंबे समय से पार्टी से जुड़े हुए हैं एवं संगठन के कई पदों पर काम कर चुके हैं।
सतीश पूनिया
भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। छात्र राजनीति से ही सक्रिय राजनीति में रहे हैं और 2018 में पहली बार विधायक बने तथा प्रदेश अध्यक्ष रहने के साथ-साथ संगठन में कई अहम पदों पर काम कर चुके हैं अभी पिछला विधानसभा चुनाव हारने के बाद भाजपा आलाकमान ने पूनिया को बिहार चुनाव में और हरियाणा चुनाव में प्रभारी बनाया था।
अलका गुर्जर
अलका गुर्जर लंबे समय संगठन में सक्रिय है एक बार विधायक और एक बार मंत्री रह चुकी है। वर्तमान में अलका गुर्जर भाजपा की राष्ट्रीय सचिव है। अलका गुर्जर का परिवार भाजपा से जुड़ा रहा है उनके पति डॉक्टर नाथू सिंह गुर्जर भाजपा सरकार के समय मंत्री रह चुके हैं नाथू सिंह गुर्जर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शुमार रहे हैं।
अटकलों पर लगा विराम राजेंद्र राठौड़ को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी,क्या
भाजपा 16 मई को हुई भाजपा कोर कमेटी की बैठक में तीन नाम का पैनल बनाकर आलाकमान को भेजा था। इनमें डॉ.सतीश पूनिया राजेंद्र राठौड़ और अलका गुर्जर के नाम शामिल थे। आलाकमान ने इन तीन नाम में से दो नाम पर आज मोहर लगा दी और इसके साथी राजेंद्र राठौड़ प्रभु लाल सैनी जैसे कई दिग्गजों के नामों को लेकर कयास लगाए जा रहे थे उस पर विराम लग गया है। सूत्रों के अनुसार भाजपा राजेंद्र राठौड़ को उनकी बैबाक बोली,कार्यशैली और संगठन व पार्टी के प्रति कर्तव्य निष्ठा को देखते हुए बहुत जल्दी ही एक बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकती है ? यह जिम्मेदारी संभावित है प्रदेश अध्यक्ष पद की हो सकती है ? वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की कार्यशैली से भाजपा आला कमान अधिक संतुष्ट और खुश नहीं है? राजस्थान में आने वाले पंचायत और निकाय चुनाव को ध्यान में रखते हुए एवं राठौर की कार्यशैली और रणनीति के मध्य नजर उनको यह जिम्मेदारी सौंप जा सकती है ?
राजस्थान में वर्तमान में भाजपा की सरकार है और विधायकों की संख्या के गणित के हिसाब से भाजपा दो सीटों पर चुनाव जीत सकती है। इन तीनों सीटों पर 18 जून को मतदान होगा और इसी दिन परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
