टोंक (सच्चा सागर)। गुर्जर शहीद दिवस पर शनिवार को श्री देवनारायण गुर्जर छात्रावास में गुर्जर समाज द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन, युवा एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर वर्ष 2008 के आरक्षण आंदोलन में शहीद हुए समाज के वीर सपूतों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज ही के दिन 23 मई 2008 को गुर्जर समाज अपने हक और अधिकारों की मांग को लेकर सडक़ों पर उतरा था। समाज ने सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण की मांग करते हुए लंबा संघर्ष किया। इस आंदोलन में समाज के 73 वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी, जिसके बाद अथक प्रयासों और संघर्षों से समाज को आरक्षण प्राप्त हुआ। वक्ताओं ने कहा कि आज एमबीसी वर्ग के अनेक युवा विभिन्न सरकारी सेवाओं एवं उच्च पदों पर चयनित होकर समाज का नाम रोशन कर रहे हैं। यह सब समाज के संघर्ष, एकजुटता और आंदोलन के नेतृत्व का परिणाम है। कार्यक्रम में विशेष रूप से स्वर्गीय कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला के योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उनकी नेतृत्व क्षमता, साहस और दृढ़ निश्चय के कारण ही समाज को यह सफलता प्राप्त हो सकी। इस अवसर पर आंदोलन में शहीद हुए सभी वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि समाज अपने शहीदों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा और आने वाली पीढिय़ों को भी उनके संघर्ष और त्याग से प्रेरणा मिलती रहेगी। कार्यक्रम में समाज के लोगों ने एकता बनाए रखने तथा शिक्षा एवं सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में निरंतर आगे बढऩे का संकल्प लिया।
टोंक (सच्चा सागर)। गुर्जर शहीद दिवस पर शनिवार को श्री देवनारायण गुर्जर छात्रावास में गुर्जर समाज द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन, युवा एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर वर्ष 2008 के आरक्षण आंदोलन में शहीद हुए समाज के वीर सपूतों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज ही के दिन 23 मई 2008 को गुर्जर समाज अपने हक और अधिकारों की मांग को लेकर सडक़ों पर उतरा था। समाज ने सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण की मांग करते हुए लंबा संघर्ष किया। इस आंदोलन में समाज के 73 वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी, जिसके बाद अथक प्रयासों और संघर्षों से समाज को आरक्षण प्राप्त हुआ। वक्ताओं ने कहा कि आज एमबीसी वर्ग के अनेक युवा विभिन्न सरकारी सेवाओं एवं उच्च पदों पर चयनित होकर समाज का नाम रोशन कर रहे हैं। यह सब समाज के संघर्ष, एकजुटता और आंदोलन के नेतृत्व का परिणाम है। कार्यक्रम में विशेष रूप से स्वर्गीय कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला के योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उनकी नेतृत्व क्षमता, साहस और दृढ़ निश्चय के कारण ही समाज को यह सफलता प्राप्त हो सकी। इस अवसर पर आंदोलन में शहीद हुए सभी वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि समाज अपने शहीदों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा और आने वाली पीढिय़ों को भी उनके संघर्ष और त्याग से प्रेरणा मिलती रहेगी। कार्यक्रम में समाज के लोगों ने एकता बनाए रखने तथा शिक्षा एवं सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में निरंतर आगे बढऩे का संकल्प लिया।
