टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। कस्बे के भूडा बालाजी मंदिर में शनिवार को अखिल भारतीय चतु सम्प्रदाय अध्यक्ष हनुमान दास महाराज के सानिध्य तथा दूर दराज से आए बड़ी संख्या में महंत, साधु-संतों की उपस्थिति में आचार्य पंडित आत्माराम गुरजी, आनंद किशोर शास्त्री के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महंत भगवान दास महाराज को ब्रह्मलीन संत रामकिशोर दास महाराज के कृपा पात्र शिष्य ब्रह्मलीन संत सीताराम दास महाराज की (ताजपोशी महंताई) की चादर महंत भगवान दास महाराज ओढ़ाई गई। इसके बड़ी संख्या में मालपुरा मण्डल के महन्त, साधु-संत, दिगम्बर अखाड़ा अनि सभी नागा साधु और श्रद्धालु महंताईनामा के साक्षी बने। इस मौके पर कथा वाचक सुखराम दास महाराज वेदांती, महंत परमात्मा दास महाराज, आचार्य तुलसी दास महाराज, महंत प्रहलाद दास महाराज अनि अखाड़ा, बालक दास महाराज नासिरदा, अवध बिहारी दास महाराज, मुनेश्वर दास महाराज, मधुबन दास महाराज, सीताराम दास महाराज, महंत कृष्ण दास महाराज, द्वारिका दास महाराज, महंत तुलसी दास महाराज सहित श्रीराम महायज्ञ समिति अध्यक्ष संत कुमार जैन, महामंत्री जगदीश प्रसाद पाण्डेता, कोषाध्यक्ष जगन्नाथ मोदी, मंदिर निर्माण समिति अध्यक्ष मुन्ना लाल शर्मा, अशोक कुमार सैनी, सत्यनारायण बलरेवा, बनवारी पाराशर, यज्ञाचार्य पंडित आत्माराम गुरजी, चंद्रशेखर दाधीच, आनन्द किशोर शास्त्री, इंदु शेखर शर्मा, चंद्र प्रकाश जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस दौरान महंत भगवान दास महाराज के जयकारे लगाते रहे। सभा में उपस्थित सभी महंतों, साधु-संतों को विदाई दी गई। इससे पहले अखिल भारतीय चतु सम्प्रदाय अध्यक्ष हनुमान दास महाराज को बैण्ड बजा के साथ जयकारों के बीच यज्ञशाला से भूडा बालाजी मंदिर लाया गया। नव ताजपोशी चादर धारण करते हुए महंत भगवान दास महाराज ने कहा कि मैं इस पवित्र स्थान पर मर्यादित रहकर साधु-संतों की सेवा, गो सेवा तथा विकास और स्थान को तन मन से सेवा करते हुए किसी प्रकार का खुर्द बुर्द नहीं करूंगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्थान भूडा बालाजी मंदिर की सेवा करना है मेरे प्रथम और अंतिम दायित्व है।
टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। कस्बे के भूडा बालाजी मंदिर में शनिवार को अखिल भारतीय चतु सम्प्रदाय अध्यक्ष हनुमान दास महाराज के सानिध्य तथा दूर दराज से आए बड़ी संख्या में महंत, साधु-संतों की उपस्थिति में आचार्य पंडित आत्माराम गुरजी, आनंद किशोर शास्त्री के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महंत भगवान दास महाराज को ब्रह्मलीन संत रामकिशोर दास महाराज के कृपा पात्र शिष्य ब्रह्मलीन संत सीताराम दास महाराज की (ताजपोशी महंताई) की चादर महंत भगवान दास महाराज ओढ़ाई गई। इसके बड़ी संख्या में मालपुरा मण्डल के महन्त, साधु-संत, दिगम्बर अखाड़ा अनि सभी नागा साधु और श्रद्धालु महंताईनामा के साक्षी बने। इस मौके पर कथा वाचक सुखराम दास महाराज वेदांती, महंत परमात्मा दास महाराज, आचार्य तुलसी दास महाराज, महंत प्रहलाद दास महाराज अनि अखाड़ा, बालक दास महाराज नासिरदा, अवध बिहारी दास महाराज, मुनेश्वर दास महाराज, मधुबन दास महाराज, सीताराम दास महाराज, महंत कृष्ण दास महाराज, द्वारिका दास महाराज, महंत तुलसी दास महाराज सहित श्रीराम महायज्ञ समिति अध्यक्ष संत कुमार जैन, महामंत्री जगदीश प्रसाद पाण्डेता, कोषाध्यक्ष जगन्नाथ मोदी, मंदिर निर्माण समिति अध्यक्ष मुन्ना लाल शर्मा, अशोक कुमार सैनी, सत्यनारायण बलरेवा, बनवारी पाराशर, यज्ञाचार्य पंडित आत्माराम गुरजी, चंद्रशेखर दाधीच, आनन्द किशोर शास्त्री, इंदु शेखर शर्मा, चंद्र प्रकाश जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस दौरान महंत भगवान दास महाराज के जयकारे लगाते रहे। सभा में उपस्थित सभी महंतों, साधु-संतों को विदाई दी गई। इससे पहले अखिल भारतीय चतु सम्प्रदाय अध्यक्ष हनुमान दास महाराज को बैण्ड बजा के साथ जयकारों के बीच यज्ञशाला से भूडा बालाजी मंदिर लाया गया। नव ताजपोशी चादर धारण करते हुए महंत भगवान दास महाराज ने कहा कि मैं इस पवित्र स्थान पर मर्यादित रहकर साधु-संतों की सेवा, गो सेवा तथा विकास और स्थान को तन मन से सेवा करते हुए किसी प्रकार का खुर्द बुर्द नहीं करूंगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्थान भूडा बालाजी मंदिर की सेवा करना है मेरे प्रथम और अंतिम दायित्व है।
