नासिरदा (सच्चा सागर)। विधानसभा क्षेत्र देवली-उनियारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नासिरदा में डॉक्टरों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी के चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गंभीर मरीजों को इलाज के लिए मजबूरन केकड़ी और देवली जाना पड़ रहा है, जिससे ग्रामीणों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल में पिछले कई वर्षों से शिशु रोग विशेषज्ञ, महिला रोग विशेषज्ञ (गायनोकोलॉजिस्ट), दो वरिष्ठ सर्जन डॉक्टर तथा लैब टेक्नीशियन के पद रिक्त पड़े हुए हैं। इसके अलावा एक नर्सिंग ऑफिसर और एक फार्मासिस्ट को उप जिला अस्पताल देवली में डेपुटेशन पर लगा रखा है, जिससे यहां की व्यवस्थाएं और अधिक प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में सीबीसी मशीन आए हुए काफी समय हो चुका है, लेकिन मशीन का लाभ आमजन को नहीं मिल पा रहा। मरीजों को मजबूरन निजी लैब में महंगे दाम देकर जांच करवानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि चिकित्सकों और विशेषज्ञों के रिक्त पद भरने की मांग को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे क्षेत्रवासियों में रोष व्याप्त है। इस संबंध में बीसीएमएचओ डॉ. मनीष लोधी ने बताया कि मालेड़ा के डॉ. रमेश मीणा को सप्ताह में तीन दिन नासिरदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सेवाएं देने के लिए लगाया गया है। यदि वह अपनी सेवाएं नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
नासिरदा (सच्चा सागर)। विधानसभा क्षेत्र देवली-उनियारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नासिरदा में डॉक्टरों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी के चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गंभीर मरीजों को इलाज के लिए मजबूरन केकड़ी और देवली जाना पड़ रहा है, जिससे ग्रामीणों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल में पिछले कई वर्षों से शिशु रोग विशेषज्ञ, महिला रोग विशेषज्ञ (गायनोकोलॉजिस्ट), दो वरिष्ठ सर्जन डॉक्टर तथा लैब टेक्नीशियन के पद रिक्त पड़े हुए हैं। इसके अलावा एक नर्सिंग ऑफिसर और एक फार्मासिस्ट को उप जिला अस्पताल देवली में डेपुटेशन पर लगा रखा है, जिससे यहां की व्यवस्थाएं और अधिक प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में सीबीसी मशीन आए हुए काफी समय हो चुका है, लेकिन मशीन का लाभ आमजन को नहीं मिल पा रहा। मरीजों को मजबूरन निजी लैब में महंगे दाम देकर जांच करवानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि चिकित्सकों और विशेषज्ञों के रिक्त पद भरने की मांग को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे क्षेत्रवासियों में रोष व्याप्त है। इस संबंध में बीसीएमएचओ डॉ. मनीष लोधी ने बताया कि मालेड़ा के डॉ. रमेश मीणा को सप्ताह में तीन दिन नासिरदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सेवाएं देने के लिए लगाया गया है। यदि वह अपनी सेवाएं नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
