टोंक (सच्चा सागर)। टोंक जिले में बनास नदी गहलोद पर बनाए गए हाई लेवल ब्रिज का लोड टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार 26 मई से शुरू हुआ ब्रिज का लोड टेस्ट शनिवार सुबह पूर्ण हो जाएगा, जिसके बाद आवागमन का रास्ता प्रशस्त हो जाएगा। अधिशाषी अभियंता ने बताया कि पुल का परीक्षण आईआरसी के निर्धारित मानकों के अनुसार पांच चरणों में किया गया। इस दौरान पुल की भार क्षमता, संतुलन एवं संरचनात्मक मजबूती की जांच की गई। परीक्षण के दौरान विभागीय एवं थर्ड पार्टी तकनीकी स्टाफ द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की गई और सभी तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया।
9 ट्रकों से किया गया लोड टेस्ट
लोड टेस्ट के दौरान कुल 9 ट्रकों का उपयोग किया गया, जिनमें प्रत्येक का वजन लगभग 27 टन था। इन ट्रकों को निर्धारित स्थानों पर खड़ा कर विभिन्न चरणों में पुल की क्षमता एवं डिफ्लेक्शन की जांच की गई। दूसरे चरण में 243 टन भार को 24 घंटे तक रखकर परीक्षण किया गया।
बरसात में ग्रामीणों को मिलेगी राहत
ब्रिज बनने से बरसात के दिनों में गहलोद रपट टूटने के कारण 30 से 40 गांवों का जिला मुख्यालय से कटने वाला संपर्क अब बहाल रहेगा। ग्रामीणों को लंबा चक्कर लगाकर आवागमन करने की समस्या से राहत मिलेगी। विभाग का दावा है कि यह पुल आगामी बरसात में क्षेत्रीय लोगों के लिए स्थायी समाधान साबित होगा।
10 वर्ष तक रहेगी डीएलपी अवधि
सहायक अभियंता महेश चौधरी ने बताया कि ब्रिज की डीएलपी अवधि 10 वर्ष की रहेगी, जिसमें निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी तय की गई है। उन्होंने आमजन से यातायात नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित आवागमन करने की अपील की।
