टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। उपखण्ड क्षेत्र में देर रात आए तूफान में खंभे टूटने से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण ‘मोर पंप हाउस’ क्षेत्र से जुड़े गांवों में जलापूर्ति बाधित हो गई। शनिवार शाम 6 बजे से बिजली की उपलब्धता न होने के कारण मोर पंप हाउस से होने वाली जलापूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई है। बिजली आपूर्ति ठप होने की मुख्य वजह एक बड़ा तकनीकी फॉल्ट और बिजली के खंभों का क्षतिग्रस्त होना है (जहाँ बिजली के खंभे अत्यधिक झुक गए हैं और तार टूट गए हैं)। इस वजह से पंप हाउस का संचालन नहीं हो पा रहा है। सहायक अभियंता मालाराम जाट ने बताया कि मोर पंप हाउस से जुड़े पंचायत पंवालिया, मुंडिया कलां, भाँवता, मोर, कूकड तथा रींडलिया रामपुरा के करीब 2 दर्जन गांवों में पेयजल आपूर्ति टप हो गई। उन्होंने बताया कि विद्युत विभाग को इस समस्या से अवगत कराया गया है और खंभों व लाइनों को ठीक करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। जब तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो जाती, तब तक इन क्षेत्रों में पानी की सप्लाई प्रभावित रहेगी। सहायक अभियंता मालाराम जाट ने आमजन से अपील की है कि उपलब्ध पेयजल का विवेकपूर्ण उपयोग करें और संकट की इस घड़ी में सहयोग बनाए रखें। बिजली आपूर्ति बहाल होते ही जलापूर्ति सुचारू रूप से शुरू कर दी जाएगी।
टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। उपखण्ड क्षेत्र में देर रात आए तूफान में खंभे टूटने से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण ‘मोर पंप हाउस’ क्षेत्र से जुड़े गांवों में जलापूर्ति बाधित हो गई। शनिवार शाम 6 बजे से बिजली की उपलब्धता न होने के कारण मोर पंप हाउस से होने वाली जलापूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई है। बिजली आपूर्ति ठप होने की मुख्य वजह एक बड़ा तकनीकी फॉल्ट और बिजली के खंभों का क्षतिग्रस्त होना है (जहाँ बिजली के खंभे अत्यधिक झुक गए हैं और तार टूट गए हैं)। इस वजह से पंप हाउस का संचालन नहीं हो पा रहा है। सहायक अभियंता मालाराम जाट ने बताया कि मोर पंप हाउस से जुड़े पंचायत पंवालिया, मुंडिया कलां, भाँवता, मोर, कूकड तथा रींडलिया रामपुरा के करीब 2 दर्जन गांवों में पेयजल आपूर्ति टप हो गई। उन्होंने बताया कि विद्युत विभाग को इस समस्या से अवगत कराया गया है और खंभों व लाइनों को ठीक करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। जब तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो जाती, तब तक इन क्षेत्रों में पानी की सप्लाई प्रभावित रहेगी। सहायक अभियंता मालाराम जाट ने आमजन से अपील की है कि उपलब्ध पेयजल का विवेकपूर्ण उपयोग करें और संकट की इस घड़ी में सहयोग बनाए रखें। बिजली आपूर्ति बहाल होते ही जलापूर्ति सुचारू रूप से शुरू कर दी जाएगी।
