टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। कस्बे के उपजिला चिकित्सालय में छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत रविवार को विद्यालय की छात्राओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई गई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों और आमजन से इस महत्वपूर्ण टीकाकरण अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है। उपजिला चिकित्सालय के पीएमओ डॉ. राजेन्द्र सिंह गुर्जर ने बताया कि एचपीवी टीका महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए अत्यंत प्रभावी और सुरक्षित माना गया है। यह टीका विश्व स्वास्थ्य संगठन से प्रमाणित होने के साथ क्लिनिकली टेस्टेड भी है। उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को यह टीका नि:शुल्क लगाया जा रहा है। एचपीवी वैक्सीन एक सिंगल डोज के रूप में दी जाती है, जो बालिकाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए काफी लाभकारी है। टीकाकरण के लिए आधार कार्ड, स्कूल आईडी या अंकतालिका में से कोई एक दस्तावेज आयु प्रमाण के रूप में आवश्यक रखा गया है। जिन बालिकाओं के पास दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उनके लिए अभिभावक या संरक्षक द्वारा सहमति पत्र देकर आयु प्रमाणित किया जा सकता है।
टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। कस्बे के उपजिला चिकित्सालय में छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत रविवार को विद्यालय की छात्राओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई गई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों और आमजन से इस महत्वपूर्ण टीकाकरण अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है। उपजिला चिकित्सालय के पीएमओ डॉ. राजेन्द्र सिंह गुर्जर ने बताया कि एचपीवी टीका महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए अत्यंत प्रभावी और सुरक्षित माना गया है। यह टीका विश्व स्वास्थ्य संगठन से प्रमाणित होने के साथ क्लिनिकली टेस्टेड भी है। उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को यह टीका नि:शुल्क लगाया जा रहा है। एचपीवी वैक्सीन एक सिंगल डोज के रूप में दी जाती है, जो बालिकाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए काफी लाभकारी है। टीकाकरण के लिए आधार कार्ड, स्कूल आईडी या अंकतालिका में से कोई एक दस्तावेज आयु प्रमाण के रूप में आवश्यक रखा गया है। जिन बालिकाओं के पास दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उनके लिए अभिभावक या संरक्षक द्वारा सहमति पत्र देकर आयु प्रमाणित किया जा सकता है।
