संत सुरक्षा को लेकर जैन समाज कल टोंक में निकलेगा मौन जुलूस

प्रधानमंत्री के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन

टोंक (सच्चा सागर)।  कुछ दिन पूर्व सडक़ दुर्घटना में दो पूज्य माताजी की असामयिक समाधि होने की घटना से संपूर्ण जैन समाज में गहरा शोक व्याप्त है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर संत समाज की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंतन की आवश्यकता को सामने ला दिया है। इससे पहले भी विहार के दौरान साधु-संतों एवं आर्यिकाओं के साथ कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें अनेक संतों को असमय अपनी देह त्यागनी पड़ी। जैन समाज के लोगों का कहना है कि संत समाज अहिंसा, संयम, तप और त्याग की जीवंत प्रतिमूर्ति होता है। संतों का जीवन समाज को सदाचार और मानवता का संदेश देने के लिए समर्पित रहता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि पूरे मानव समाज की जिम्मेदारी है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने समाज को गहरी चिंता में डाल दिया है। इसी गंभीर विषय को ध्यान में रखते हुए मुनि प्रमाण सागर महाराज के पावन आह्वान पर आगामी 25 मई को देशभर में सकल जैन समाज द्वारा संत सुरक्षा की मांग को लेकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। जैन समाज के पवन कटांन ने बताया कि टोंक में भी सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा विशाल मौन जुलूस एवं ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के अनुसार 25 मई सोमवार को प्रात: 9 बजे जैन नसिया से मौन जुलूस प्रारंभ होगा। इसमें महिला एवं पुरुष वर्ग सहित बड़ी संख्या में समाजजन शामिल होंगे। जुलूस के माध्यम से जिला कलेक्टर को माननीय प्रधानमंत्री जी के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें संतों की सुरक्षा के लिए कठोर एवं प्रभावी कानून बनाए जाने तथा विहार मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी। समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि यह अभियान किसी एक समाज का नहीं, बल्कि मानवता और आध्यात्मिक मूल्यों की रक्षा का अभियान है। उन्होंने कहा कि संत समाज समाज को शांति, सद्भाव और नैतिकता का संदेश देता है, इसलिए उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सकल दिगंबर जैन समाज, टोंक ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। समाज के लोगों का कहना है कि सभी की एकजुटता से ही संत सुरक्षा के प्रति सरकार और प्रशासन का ध्यान प्रभावी रूप से आकर्षित किया जा सकेगा। समाज ने कहा कि संतों की सुरक्षा हेतु यह आवाज पूरे देश में एक साथ उठाई जा रही है और टोंक का जैन समाज भी इसमें अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएगा।

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