अलियारी में नव दिवसीय रुद्र महायज्ञ का शुभारंभ, निकली भव्य कलश यात्रा


टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)।
उपखण्ड के गांव अलियारी में संत मोती गिरी महाराज की प्ररेणा से यज्ञकर्ता संत अमरदास महाराज के सानिध्य में वीर तेजाजी महाराज धाम परिसर काचरिया रोड़ में गुरुवार को रुद्र महायज्ञ समिति अलियारी, उच्च लक्ष्मीपुरा तथा रामनगर के तत्वावधान में गुरुवार से आरंभ हुए नव दिवसीय एकादश कुण्डात्मक रुद्र महायज्ञ की शुरूआत कलशयात्रा से की गई। कलशयात्रा गांव के चारभुजानाथ मंदिर में मुख्य यजमान नन्दकिशोर जाखड़ सपत्नीक तथा प्रधान कलश बोली दाता भंवर लाल शर्मा ने आचार्य पंडित रमाकांत शर्मा के सानिध्य में विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार से पूजन कर गगनचुंबी जयकारों और झालर की टंकार तथा शंख ध्वनि के साथ रवाना हुई। इस मौके पर करीब 5 सौ महिलाएं रंग-बिरंगे परिधान और ओढऩी ओढ़ कर सिर पर कलश धर मंगल गीत गाते हुए चल रही थी। गांव के सीताराम मंदिर, जोगेश्वर महादेव मंदिर, बालाजी मंदिर सहित अन्य मोहल्ला से गुजरते हुए काचरिया रोड़ स्थित तेजाजी महाराज धाम यज्ञ स्थल पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या महिलाएं और पुरुष तथा युवा और युवतियां डीजे पर भजनों की धुन पर झूमते रहे। कलश यात्रा में चारभुजानाथ झण्डा गोपाल बलुंडिया, तेजाजी झण्डा रामराज जाखड, बालाजी झण्डा चतुर्भुज चौधरी तथा यज्ञ झण्डा कैलाश प्रजापत धर्म पताका लेकर घोड़ी पर सवार होकर आगे चल रहे थे, वहीं वियाण में भगवान विराजते होकर शोभायात्रा में शामिल हुए, दूसरी ओर झालर रामजीलाल जांगिड़ तथा शंख जगदीश साण्डीवाल बजा रहे थे। यज्ञ स्थल परिसर में व्यायाम शाला अखाड़ा के कार्यकर्ताओं और साधु संतों ने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया। शोभायात्रा में यज्ञकर्ता संत अमरदास महाराज, ज्योतिगिरी महाराज पंच कुण्ड टोरडी, राजूगिरी महाराज, बालयोगी हनुमान दास महाराज सहित अन्य महात्मा जीप में बैठे चल रहे थे। इस दौरान जयकारों, शंख ध्वनि तथा झालर की टंकार से सम्पूर्ण गांव में भक्ति रस में डुबा रहा। यज्ञशाला परिसर में सुबह से ही मेला लगा रहा। वहीं बच्चे झुला चकरी में व्यस्त नजर आए। यज्ञशाला में आचार्य पंडित रमाकांत शर्मा, ब्रह्मा राजू दाधीच तथा अन्य विप्रजनों के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दशविध स्नान, प्रायश्चित्त संकल्प के पश्चात मण्डप प्रवेश, गणपत्यादि पूजन तथा ब्राह्मण वरण किया गया। यज्ञशाला में यज्ञकर्ता अमरदास महाराज की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ चंदन की लकड़ी से अरणि मंथन कर अग्नि प्रज्वलित की गई। नव दिवसीय एकादश कुण्डात्मक रुद्र महायज्ञ में प्रधान कुण्ड के लिए सर्वाधिक बोली दाता 3 लाख 11 हजार रुपए नन्दकिशोर जाखड़ तथा प्रधान कलश की बोली भंवर लाल शर्मा ने लगाई। रुद्र महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन रामलीला का मंचन और वीर तेजाजी महाराज खेल का आयोजन किया जाएगा।                 


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