हादसों के बाद भी बेखौफ दौड़ रहे ओवरलोड ट्रेलर
मालपुरा (सच्चा सागर)। मालपुरा उपखंड क्षेत्र में परिवहन विभाग की लापरवाही अब आमजन की जान पर भारी पड़ती नजर आ रही है। सडक़ों पर बिना सुरक्षा मानकों के दौड़ रहे ओवरलोड ग्रेनाइट ट्रेलर हर दिन मौत बनकर गुजर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदकर बैठा है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि लोगों में यह चर्चा आम हो गई है कि क्षेत्र में नियम नहीं, बल्कि रसूख और मिलीभगत चल रही है। बीते दिनों जयपुर-भीलवाड़ा स्टेट हाईवे पर चांदसेन बांध के पास चलते ट्रेलर से भारी ग्रेनाइट ब्लॉक सडक़ पर गिर गया। गनीमत रही कि पीछे कोई वाहन नहीं था, वरना कई लोगों की मौके पर ही जान जा सकती थी। लेकिन इस गंभीर घटना के बाद भी परिवहन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह कोई पहली घटना नहीं थी। मालपुरा क्षेत्र में पहले भी कई बार ट्रेलरों से विशाल पत्थर गिर चुके हैं। हादसों में लोग घायल हुए, जनहानि तक हुई, लेकिन विभाग हर बार सिर्फ खानापूर्ति करता नजर आया। कार्रवाई के नाम पर कुछ समय की दिखावटी सख्ती और फिर वही ढाक के तीन पात। क्षेत्र में खुलेआम ऐसे ट्रेलर दौड़ रहे हैं जिनमें भारी ग्रेनाइट ब्लॉकों को बिना मजबूत जकडऩ, बिना सुरक्षा उपकरण के लादा जा रहा है। ओवरलोड वाहनों से सडक़ें थर्रा रही हैं, लेकिन परिवहन विभाग की चुप्पी अब कई सवाल खड़े कर रही है। आखिर किसके दबाव में कार्रवाई नहीं हो रही? कौन है जो इन मौत के ट्रेलरों को संरक्षण दे रहा है? स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई आम वाहन चालक छोटी सी गलती करे तो तुरंत चालान और कार्रवाई हो जाती है, लेकिन मौत बनकर दौड़ रहे ओवरलोड ट्रेलरों पर विभाग की नजर क्यों नहीं पड़ती? इससे साफ है कि सिस्टम की निष्क्रियता अब संदेह के घेरे में आ चुकी है। लोगों में भारी आक्रोश है और प्रशासन से मांग की जा रही है कि परिवहन विभाग की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच हो, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा ओवरलोड और असुरक्षित ग्रेनाइट परिवहन पर तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई की जाए। वरना आने वाले समय में कोई बड़ा हादसा पूरे प्रशासनिक तंत्र को कटघरे में खड़ा कर देगा।
