चार माह बाद भी चैन स्नेचिंग का खुलासा नहीं कर पाई पुलिस



मलारना स्टेशन चौकी से महज कुछ मीटर दूर हुई थी घटना

60 दिन होते ही पुलिस ने बंद कर दी फाइल, पीडि़ता अब भी न्याय की राह में भटक रही

सच्चा सागर न्यूज नेटवर्क

मलारना डूंगर/सवाईमाधोपुर। जिले की कानून व्यवस्था की हकीकत बयां करती एक चौंकाने वाली घटना मलारना स्टेशन क्षेत्र से सामने आई है, जहां 13 जनवरी को पुलिस चौकी से महज कुछ मीटर की दूरी पर से अज्ञात चोर ने महिला के गले से सोने का मंगलसूत्र झपट लिया गया, लेकिन लगभग चार महीने बीत जाने बाद भी पुलिस आरोपी तक नहीं पहुंच सकी। उल्टा, कार्रवाई के नाम पर 60 दिन के भीतर ही मामले में एफआर लगाकर फाइल बंद कर दी गई। घटना मलारना स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थल और पुलिस चौकी के बेहद नजदीक हुई जिस पर सवाल उठना लाजिमी है कि जब चौकी के आसपास ही अपराधी बेखौफ वारदात कर फरार हो जाएं, तो आमजन की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसके भरोसे है। दर्ज एफआईआर के अनुसार 13 जनवरी को शिकायतकर्ता अंकिता बाई का करीब 8 ग्राम सोने का मंगलसूत्र चोरी हुआ था। रेलवे स्टेशन के कैमरो में फुटेज भी आई थी। लेकिन उसकी स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी। पीडि़ता का आरोप है कि घटना के बाद उसने कई बार पुलिस अधिकारियों के चक्कर काटे, ज्ञापन दिए और कार्रवाई की मांग की, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। न तो आरोपी गिरफ्तार हुआ, न चोरी गया मंगलसूत्र बरामद हुआ और अंतत: पुलिस ने एफआर लगाकर मामले से हाथ झाड़ लिए। यह पूरा घटनाक्रम पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या जांच केवल कागजों तक सीमित थी। पीडि़त न्याय मांग रहा है, तो उसे सिर्फ फाइल बंद होने की सूचना क्यों मिल रही है या आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लिया जाता हैं। पुलिस चौकी के नजदीक हुई चोरी का खुलासा नहीं हो पा रहा, तो अपराधियों के हौसले बुलंद होना तय है।

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