चाकसू में केबिन दुकानों में लगी आग, ई-मित्र संचालक को भारी नुकसान


- आमीन खान  

चाकसू (सच्चा सागर)। चाकसू कस्बे के तहसील चौराहे पर मंगलवार सुबह अचानक लगी आग से अफरा-तफरी मच गई। यहां स्थित दो थड़ी केबिन दुकानों में अचानक आग भडक़ उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें उठती देख आस-पास के दुकानदारों और राहगीरों में हडक़ंप मच गया और लोग अपनी-अपनी दुकानों से सामान हटाने में जुट गए। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या अन्य तकनीकी खराबी माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। इस आगजनी की घटना में पीडि़त लालचंद सैनी की केबिन दुकान पूरी तरह जलकर राख हो गई। लालचंद सैनी ई-मित्र केंद्र का संचालन करते थे और उनकी दुकान में रखे कंप्यूटर, प्रिंटर, इन्वर्टर सहित अन्य जरूरी उपकरण आग की चपेट में आकर नष्ट हो गए। इस हादसे से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। बताया जा रहा है कि दुकान में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जलकर खाक हो गए, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं। आग लगने के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। आग की तेज लपटों और धुएं के कारण आस-पास की दुकानों पर भी असर पड़ा और कुछ दुकानों में दरारें आने की बात सामने आई है। विशेष रूप से जिस स्थान पर आग लगी, उसके ऊपर स्थित जैन समाज की बिल्डिंग का हिस्सा भी प्रभावित हुआ है और वह जर्जर स्थिति में नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार बिल्डिंग का कुछ हिस्सा कमजोर हो गया है, जो कभी भी गिर सकता है, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। वहीं नगरपालिका टीम ने मौके पर पहुंचकर सडक़ पर फैले मलबे को हटाने का कार्य किया, जिससे यातायात व्यवस्था को सुचारू किया जा सके। तहसील चौराहा क्षेत्र में दुकानें एक-दूसरे के काफी नजदीक स्थित हैं, ऐसे में आग फैलने का खतरा अधिक रहता है। गनीमत यह रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे आस-पास की अन्य दुकानों को बचा लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जर्जर बिल्डिंग की स्थिति का जल्द निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। वहीं आग से प्रभावित व्यापारी को उचित मुआवजा देने की भी मांग उठाई जा रही है।      


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