भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीराम महायज्ञ महोत्सव का शुभारंभ



टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)।
कस्बे में बाबा रामकिशोर दास महाराज महात्यागी के परम शिष्य ब्रह्मलीन महंत सीतारामदास महात्यागी की प्रेरणा एवं भूडा बालाजी मंदिर समिति तथा भक्तों और कस्बावासियों के सहयोग से हनुमान दास महाराज अध्यक्ष अखिल भारतीय चतु: सम्प्रदाय के संरक्षण में यज्ञकर्ता बालयोगी तुलसीदास महाराज के सानिध्य तथा पीएचईडी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी की उपस्थिति में नव दिवसीय नौ कुण्डात्मक श्रीराम महायज्ञ और भगवान राम तथा माता जानकी मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर रविवार सुबह कल्याण जी चौक स्थित श्रीराम मंदिर से विशाल और भव्य कलशयात्रा अध्यक्ष अखिल भारतीय चतु: सम्प्रदाय हनुमान दास महाराज के सानिध्य में कल्याण जी चौक में स्थित श्रीराम मंदिर से कलशयात्रा रवाना हुई। कलश यात्रा श्रीराम मंदिर से यज्ञाचार्य पंडित आत्माराम गुरजी सहित अन्य विद्वान पंडितों द्वारा विधिवत पूजा अर्चना के पश्चात बैण्ड बजा और जय श्री राम के जयकारों के साथ धर्म ध्वज पताकाएं लेकर कटला चोराहा से आजाद मार्केट, विनायक मार्केट, स्टेट बैंक चोराहा, शाहपुरा बालाजी मंदिर, ज्योतिबा फूले सर्किल होते हुए यज्ञशाला हाडी रानी कुण्ड के पास बीसलपुर कालोनी पहुंचीं। जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापना की गई। कलशयात्रा में करीब 21 सौ महिलाएं रंग-बिरंगे परिधान और चुनरी ओढ़े सिर मंगल कलश धर चल रही थी, वहीं बड़ी संख्या में युवा और युवतियां भजनों की धुन पर झूमते नजर आए। कलश यात्रा के आगे प्रधान कलश कालूराम गौड़ बगड़ी वाले, मुख्य ध्वज बृजमोहन माली, घुड़सवार जगन्नाथ मोदी संजय मोदी धर्म पताका लिए चल रहे थे, वहीं हाथी पर राममूर्ति मोदी तुलसी राम मोदी तथा घोड़ा-बग्गी पर अखिल भारतीय चतु सम्प्रदाय अध्यक्ष हनुमान दास महाराज और अन्य संत विराजमान हो कर अभिवादन और आमजन को आशीर्वाद देते हुए निकल रहें थे। वहीं व्यायाम शाला कार्यकर्ताओं की ओर से पट्टाबाजी और हैरतअंगेज करतब का प्रदर्शन किया गया। श्रीराम के जयकारों की गूंज से सम्पूर्ण कस्बा भक्ति रस में डूबा रहा। सुबह से ही भक्ति रस और भजनों से सरोबार रहा। कलशयात्रा के दौरान कस्बे में जगह-जगह पर पुष्प वर्षा की गई। कलश यात्रा में पीएचईडी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, आयोजक समिति अध्यक्ष संत कुमार जैन, जगन्नाथ मोदी, सुनील भारत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहित महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। यज्ञशाला में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापना और गणपति सहित अन्य देवो की पूजा-अर्चना कर स्थापना की गई। सोमवार को अरणी मंथन से अग्नि प्रज्वलित कर यज्ञ हवन कुण्ड में प्रवेश करवाया जाएगा।           


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