निवाई (सच्चा सागर)। गांव रजवास से बाहर बगड़ी रोड के किनारे पर बनी हुई नालियां खुली होने के कारण गाय व बछड़े इनमें गिरकर काल का ग्रास बन रहे हैं। गांव के अर्जुन छापरिया व रतन रैगर ने बताया की रजवास बगड़ी रोड पर सड$क के किनारे पानी निकासी के लिए नालियां बनी हुई हैं। यह नालियां चौड़ी होने के साथ ही खुली हुई व काफी गहरी भी हैं। इस रोड़ पर आने जाने वाला गौ वंश रात के अंधेरे व वाहनों की लाइटों की चकाचौंध से डरकर इन खुली हुई नालियों में गिरकर व घायल हो रहे हैं। कई बार तो उक्त मवेशी काल का ग्रास बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि तत्कालीन ग्राम पंचायत प्रशासन ने नालियां तो बनवा दी परन्तु इनको बिना ढके छोड़ दिया जिससे जानवरों सहित आमजन इनमें गिरकर घायल हो जाते हैं। साथ ही वाहनों के गिरने का खतरा भी बना रहता है। कई बार समय पर जानकारी मिलने पर इनमें गिरे जानवरों को पशु प्रेमी व ग्रामीण बाहर निकालकर लेते हैं। परन्तु समय पर जानकारी नहीं मिलने से अब तक कई गायें इनमे गिरकर तड$फ कर दम तोड़ चुकी हैं। ग्रामीण राधामोहन शर्मा, शंकर नायक, बजरंग लाल लुहारिया व प्रेम प्रकाश सहित कई ग्रामीणों ने नालियों को ढक़वाने की मांग की है।
निवाई (सच्चा सागर)। गांव रजवास से बाहर बगड़ी रोड के किनारे पर बनी हुई नालियां खुली होने के कारण गाय व बछड़े इनमें गिरकर काल का ग्रास बन रहे हैं। गांव के अर्जुन छापरिया व रतन रैगर ने बताया की रजवास बगड़ी रोड पर सड$क के किनारे पानी निकासी के लिए नालियां बनी हुई हैं। यह नालियां चौड़ी होने के साथ ही खुली हुई व काफी गहरी भी हैं। इस रोड़ पर आने जाने वाला गौ वंश रात के अंधेरे व वाहनों की लाइटों की चकाचौंध से डरकर इन खुली हुई नालियों में गिरकर व घायल हो रहे हैं। कई बार तो उक्त मवेशी काल का ग्रास बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि तत्कालीन ग्राम पंचायत प्रशासन ने नालियां तो बनवा दी परन्तु इनको बिना ढके छोड़ दिया जिससे जानवरों सहित आमजन इनमें गिरकर घायल हो जाते हैं। साथ ही वाहनों के गिरने का खतरा भी बना रहता है। कई बार समय पर जानकारी मिलने पर इनमें गिरे जानवरों को पशु प्रेमी व ग्रामीण बाहर निकालकर लेते हैं। परन्तु समय पर जानकारी नहीं मिलने से अब तक कई गायें इनमे गिरकर तड$फ कर दम तोड़ चुकी हैं। ग्रामीण राधामोहन शर्मा, शंकर नायक, बजरंग लाल लुहारिया व प्रेम प्रकाश सहित कई ग्रामीणों ने नालियों को ढक़वाने की मांग की है।
