मुख्यमंत्री को शिकायत प्रेषित कर की कार्यवाही की मांग
मालपुरा (सच्चा सागर)। मालपुरा शहर के ऐतिहासिक ब्रह्मतालाब एवं उससे जुड़ी तालाबी व गैर मुमकिन पाल भूमि पर कथित अवैध कब्जों, निर्माण स्वीकृतियों, पंजीयन, नियमन और नीलामी को लेकर एक बार फिर मामला गरमा गया है। शहर के जागरूक नागरिक द्वारा मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और जिला कलेक्टर को भेजी गई विस्तृत शिकायत ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। शिकायत में भूमाफियाओं, नगर पालिका और विभिन्न विभागों की कथित मिलीभगत से करोड़ों रुपये की सरकारी एवं तालाबी भूमि खुर्द-बुर्द करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि मालपुरा शहर स्थित खसरा नंबर 2875 रकबा 5.05 बीघा, 2877 रकबा 1.10 बीघा, 2883 रकबा 3.07 बीघा किस्म गै.मु.पाल तथा खसरा नंबर 2878 रकबा 315.01 बीघा किस्म तालाबी भूमि के रूप में सेटलमेंट काल से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। इसके बावजूद वर्षों से इन भूमियों पर लगातार अतिक्रमण, अवैध निर्माण और कॉलोनियां काटने का खेल चल रहा है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि हाल ही में तिलक पब्लिक स्कूल के सामने तालाब से सटी भूमि एवं तालाबी क्षेत्र में अवैध कॉलोनी विकसित करने के उद्देश्य से सफाई कार्य कराया गया। भूमाफियाओं द्वारा तालाब की भूमि पर कब्जे कर नगर पालिका से कथित सांठगांठ के जरिए निर्माण स्वीकृतियां तक जारी करवाई जा रही हैं। इससे शहरवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। शिकायती पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्ष 2008 से इस भूमि को लेकर सिविल न्यायालय में वाद विचाराधीन है। इसके बावजूद लगातार निर्माण गतिविधियां जारी रहना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। शिकायती पत्र में बताया कि कई बार उच्चाधिकारियों को ज्ञापन देने, विधानसभा में अतारांकित प्रश्न उठने तथा सरकार द्वारा कार्यवाही का आश्वासन देने के बावजूद आज तक दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत में चेतावनी दी गई कि यदि समय रहते ब्रह्मतालाब और उसके कैचमेंट एरिया को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया तो भविष्य में शहर को जलभराव और पर्यावरणीय संकट का सामना करना पड़ सकता है। आरोप है कि तालाब के प्राकृतिक जल प्रवाह क्षेत्र को लगातार बाधित किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि ब्रह्मतालाब की विधिवत सीमा ज्ञान कराकर समस्त अतिक्रमण हटाए जाएं, तालाबी भूमि पर जारी कथित अवैध पट्टे एवं निर्माण स्वीकृतियां तत्काल निरस्त की जाएं तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाए। अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं कि आखिर इस मामले में ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।
इनका कहना
इधर तिलक पब्लिक स्कूल के सामने वाली भूमि पर चल रही गतिविधियों को लेकर जानकारी चाहे जाने पर मालपुरा नगर पालिका ईओ रामजीत चौधरी ने बताया कि उक्त भूमि से संबंधित मामले की जांच जारी है।
