धार्मिक शिविर से बच्चों में संस्कार की भावना होती है जागृत : पं. राजीव शास्त्री


चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में अभिषेक एवं वृहद शांतिधारा का आयोजन

टोंक (सच्चा सागर)।  पुरानी टोंक स्थित चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में शनिवार को वर्धमान दिगंबर जैन पाठशाला के बालकों द्वारा भगवान चंद्रप्रभु का अभिषेक एवं स्वर्ण कलशों से वृहद शांतिधारा का आयोजन किया गया। इसके पश्चात भगवान चंद्रप्रभु एवं पार्श्वनाथ भगवान की पूजा-अर्चना कर अर्ध एवं श्रीफल समर्पित किए गए। कार्यक्रम के दौरान बालकों ने भक्ति भाव से पूजन करते हुए भक्ति नृत्य भी प्रस्तुत किए। राजेश अरिहंत ने बताया कि कार्यक्रम में पाठशाला के पुनीत कुमार, मयंक चौधरी, आगम सोगानी, नैवेद्य जैन, लक्ष्य जैन एवं चयन सोनी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। पाठशाला की व्यवस्थापक पूनम अनोपड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि दोपहर में धार्मिक संस्कार शिविर के अंतर्गत विद्वान पं. राजीव शास्त्री द्वारा महिलाओं एवं बालकों को ज्ञानोपयोगी जानकारी दी जा रही है। महिलाओं को छहढाला तथा बालकों एवं युवाओं को जैन धर्म की भाग-1, भाग-2 एवं भाग-3 पुस्तकों के माध्यम से अध्ययन करवाया जा रहा है। इस अवसर पर पं. राजीव शास्त्री ने कहा कि समाज के बच्चों को संस्कारी बनाने एवं धर्म के प्रति जागरूक करने के लिए ऐसे शिविर अत्यंत आवश्यक हैं। शिविर के माध्यम से बच्चों एवं युवाओं को धार्मिक ज्ञान, अनुशासन एवं संस्कारों की शिक्षा दी जा रही है, जिससे वे जैन संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़ सकें। पाठशाला की अध्यक्ष संगीता बिलासपुरिया ने बताया कि यह धार्मिक संस्कार शिविर 17 से 26 मई तक आयोजित किया जा रहा है। शिविर में अंतिक्षा पाटनी, मंजू, अनीता, आशा, सुशीला, गरिमा, अंतिमा, सुमन, उषा, प्राशुक, अमय, आव्यान, अर्णव, तनय, दिव्यांशी, तन्वी, अक्षत, नमो जैन सहित सैकड़ों बालक, युवा एवं महिलाएं भाग ले रही हैं। शिविर में प्रतिदिन समाज के पुण्यार्जक परिवारों द्वारा पुरस्कार वितरण एवं अल्पाहार की व्यवस्था भी की जा रही है।

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