भीषण गर्मी में आंगनबाड़ी के मासूमों की सेहत पर मंडरा रहा खतरा


- भगवान गौतम

रानोली (सच्चा सागर)। भीषण गर्मी का दोर जारी है। तापमान लगातार बढ़ रहा है।पारा 42 डिग्री पर जा रहा है। सूरज आग उगल रहा है। जिससे आम जन-जीवन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में जहां एक और स्कूलों में ग्रीष्मावकाश   धोषित कर दिया गया है। वही आंगनवाड़ी में आने वाले 3-6 साल के मासूम बच्चे अभी भी तपती कक्षाओं में जाने को मजबूर है। इस दोहरे  रवैये के खिलाफ अभिभावकों में नाराजगी जताई है। ऐसे में इन मासूमों की ओर किसी की निगाह नहीं जा रही है। तेज धूप और लू के बीच प्रतिदिन सुबह केंद्र पर पहुंचने वाले बालक तपती धूप में घर लौटने समय गर्मी से बेहाल दिखाई देते हैं। अभिभावक कहना है कि जब स्कूल में पढऩे वाले बड़े बच्चों को गर्मी से राहत देने के लिए अवकाश घोषित किया जा सकता है तो आंगनबाड़ी के छोटे बच्चों के लिए समय में परिवर्तन या अवकाश का निर्णय क्यों नहीं लिया जा रहा है। 6 वर्ष तक के आ रहे हैं बच्चे, अधिकतम गर्मी और लू के बावजूद 6 वर्ष तक के बच्चे नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्र में पहुंच रहे हैं। केंद्र में उपस्थिति दर्ज होने के कारण बच्चों को पोषाहार और दूध वितरण के लिए तेज गर्मी में भी आना पड़ रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग गर्मी को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्र के समय में बदलाव किया है। अब केंद्र 7:00 बजे से 10:00 बजे तक संचालित किया जा रहे हैं, वही कार्यकर्ता सहायिका को दोपहर 11:00 बजे तक ड्यूटी देनी पड़ रही है। वैसे समय सुबह 8:00 से दोपहर 12:00 बजे तक का है। 

स्वास्थ्य को लेकर चिंतित  

कहीं अभिभाव का कहना है कि छोटे बच्चों को इस भीषण गर्मी में घर से बाहर निकलना उनके स्वास्थ्य के खिलाफ खतरनाक हो सकता है, बढ़ते तापमान के बीच छोटे बच्चों को लूं और तेज बुखार का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। 

बिजली पानी का अभाव

कहीं आंगनबाड़ी केंद्र तो किराए के भवन में चल रहे हैं। केंद्र पर बिजली पंखे और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं है पंखे गर्म हवा फेंक रहे हैं। दिन में बच्चों का बैठना दुबर हो रहा है ।ऐसे में बच्चों को तेज गर्मी में बिना हवा पानी की रहना पड़ रहा है। अभिभावको का कहना है कि गर्मी को देखते हुए बच्चों की छुट्टी कर देनी चाहिए।      


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