शिक्षा में नवाचारों और रोजगारोन्मुखी आधुनिक शिक्षा पर दिया जोर
टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। उपखण्ड के कूकड़ के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित दो दिवसीय ब्लॉक स्तरीय संस्था प्रधान सत्रारंभ वाकपीठ संगोष्ठी के अंतिम दिन मंगलवार को विभिन्न नवाचारों पर चर्चा और वार्ताएं कर प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा में सुधार का संकल्प लिया। समापन पर मुख्य अतिथि राजेश शर्मा जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक टोंक रहें, वहीं विशिष्ट अतिथि में अति जिला शिक्षा अधिकारी कृष्ण गोपाल तथा अति साक्षरता प्रभारी अनिल चतुर्वेदी तथा अध्यक्षता सीबीईओ कमलेश शर्मा ने की। इस मौके पर मुख्य अतिथि डीईओ शर्मा ने कहा कि प्रतिस्पर्धा युग में गैर सरकारी संस्थाओं से शिक्षा का मुकाबला करने की चुनौती है, जिसे हम सब को मिलकर सामना करते हुए सर्वेश्रेष्ठ करना है। उन्होंने कहा कि हमारे सामने सरकारी लक्ष्यों को अर्जित करने के साथ साथ परिणामों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षा में नवाचारों और रोजगारोन्मुखी आधुनिक शिक्षा पर जोर दिया। इस मौके पर वाकपीठ संगोष्ठी अध्यक्ष ओमप्रकाश जांगिड़ और वाकपीठ संयोजक सुरेश कुमार शर्मा ने आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए स्मृति चिन्ह भेंट किए। इससे पूर्व प्रधानाचार्य महेंद्र कुमार जैन ने प्रथम दिवस कार्यवाही प्रतिवेदन प्रस्तुतीकरण, टीना हाड़ा ने आधार रेखा आकलन, रेमेडियशन कार्यक्रम, उपचारात्मक शिक्षण एवं कार्यपुस्तिकाओं पर चर्चा, मुन्ना लाल सोयल ने दैनिक, मासिक, वार्षिक शिक्षण योजना, कक्षावार तथा विषयवार समय सारणी निर्माण तथा विद्यालय विकास योजना, अब्दुल रऊफ ने राज्य सरकार की छात्र कल्याणकारी योजनाएं (पालनहार, नि:शुल्क यूनिफॉर्म, छात्रवृत्तियां एवं अन्य), सामुदायिक गतिशीलता पर चर्चा, रेणु मंगल ने बालिका सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा, नि:शुल्क साईकिल, ट्रांसपोर्ट वाउचर एवं राजश्री योजना, अलका पारीक ने उडान सैनेटरी नेपकिन एवं आयरन विप्स ब्ल्यू एवं पिंक टेबलेट वितरण रिकार्ड संधारण एवं शाला दर्पण, राजेश कुमार शिल्पकार ने शाला दर्पण, यू डाईस पोर्टल पर चर्चा, मनोज वर्मा ने समग्र शिक्षा की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी, धन्ना लाल गुर्जर ने पोषाहार, बाल गोपाल, दूध योजना पर वार्ता की। संगोष्ठी के दौरान नवीन कार्यकारिणी का गठन किया गया तथा आगामी सत्रांत वाकपीठ संगोष्ठी के लिए स्थान निर्धारण किया गया।
