किशोर एवं सम्प्रेक्षण गृह का अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने किया निरीक्षण


टोंक (सच्चा सागर)।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टोंक के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश दिनेष कुमार जलुथरिया द्वारा राजकीय किशोर एवं सम्प्रेक्षण गृह, विशेष गृह एवं बाल गृह का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गृह में रह रहे किशोरों की व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लेते हुए उन्हें उनके विधिक अधिकारों की जानकारी भी प्रदान की गई। निरीक्षण के समय कुल 22 किशोर उपस्थित पाए गए। इनमें सम्प्रेक्षण गृह में 18 किशोर, सुरक्षित गृह में 3 तथा विशेष गृह में 1 किशोर पाया गया। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने किशोरों से संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया। दौरान निरीक्षण स्टाफ की स्थिति, गृह की भौतिक संरचना, निवासित व्यवस्थाओं, स्वास्थ्य जांच, बालकों के साथ दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए की गई व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया। इसके साथ ही संस्था में पर्याप्त रोशनी, रोशनदान, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता, रसोईघर में भोजन की व्यवस्था तथा जल भंडारण हेतु वैकल्पिक व्यवस्था की भी जांच की गई। इसके अतिरिक्त आपातकालीन विद्युत आपूर्ति, किशोरों की काउंसलिंग हेतु परामर्शदाता की उपलब्धता, मनोरंजन एवं कौशल शिक्षण की व्यवस्थाओं, डाइट स्केल तथा आवासित किशोरों के पूरे दिवस के निर्धारित शेड्यूल का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय नवल खान, सहायक निदेशक बाल अधिकारिता विभाग, टोंक, न्यायमित्र राजेश सिसोदिया सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्मिक उपस्थित रहे।

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