निवाई (सच्चा सागर)। शहर में गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर गौ भक्तों द्वारा विशाल गो सम्मान यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौवंश के संरक्षण और गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग को जन-जन तक पहुंचाना रहा। राहुल जाट ने बताया कि यात्रा का शुभारंभ राधा दामोदर जी मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इस अवसर पर महामंडलेश्वर बालकानंद महाराज एवं संत मनीषदास महाराज का सान्निध्य प्राप्त हुआ। संतों ने गौ सेवा को सर्वोच्च धर्म बताते हुए समाज को इसके प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। यात्रा के दौरान गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करो और गौ सेवा ही परम धर्म है सहित कई जयकारों के साथ भजन, सत्संग और रामधुन की गूंज से पूरा शहर भक्तिमय हो गया। यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों, बाजारों और चौराहों से होकर निकली, जहां जगह-जगह पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। यात्रा का समापन अहिंसा सर्किल पर एक विशाल सभा के साथ हुआ। सभा के पश्चात गौ भक्तों ने अपनी मांगों को लेकर उपखंड अधिकारी के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा, जो राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित था। ज्ञापन में प्रमुख रूप से गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग रखी गई।
निवाई (सच्चा सागर)। शहर में गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर गौ भक्तों द्वारा विशाल गो सम्मान यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौवंश के संरक्षण और गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग को जन-जन तक पहुंचाना रहा। राहुल जाट ने बताया कि यात्रा का शुभारंभ राधा दामोदर जी मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इस अवसर पर महामंडलेश्वर बालकानंद महाराज एवं संत मनीषदास महाराज का सान्निध्य प्राप्त हुआ। संतों ने गौ सेवा को सर्वोच्च धर्म बताते हुए समाज को इसके प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। यात्रा के दौरान गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करो और गौ सेवा ही परम धर्म है सहित कई जयकारों के साथ भजन, सत्संग और रामधुन की गूंज से पूरा शहर भक्तिमय हो गया। यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों, बाजारों और चौराहों से होकर निकली, जहां जगह-जगह पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। यात्रा का समापन अहिंसा सर्किल पर एक विशाल सभा के साथ हुआ। सभा के पश्चात गौ भक्तों ने अपनी मांगों को लेकर उपखंड अधिकारी के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा, जो राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित था। ज्ञापन में प्रमुख रूप से गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग रखी गई।
