टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। तिजारा विधायक महंत बालकनाथ द्वारा नाई (सैन) समाज के अपमानजनक वक्तव्य के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करने को लेकर सैन समाज टोड़ारायसिंह ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम अमित चौधरी को सौंपा है। ज्ञापन में बताया कि गत दिनों तिजारा विधायक महंत बालकनाथ द्वारा एक सार्वजनिक स्थल पर एक अधिकारी जेईएन से बातचीत के दौरान तू जेईएन है या नाई जैसे अत्यंत अपमानजनक और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया, जो सोशल मीडिया तथा समाचारपत्र के माध्यम से प्रसारित हो रहा है। ज्ञापन में बताया कि ये बयान केवल नाई (सैन) समाज का ही नहीं अपितु पूरे मेहनतकश, श्रमिक तथा स्वाभिमानी वर्ग का सीधा अपमान है। विधायक बालकनाथ द्वारा नाई शब्द का प्रयोग जिस तिरस्कारपूर्ण भाव किया गया, उससे स्पष्ट होता है कि एक सम्मानित समाज को हीन और घटिया तथा घृणा दर्शाने का प्रयास कर रहे हैं, जो असहनीय है। ज्ञापन में बताया कि ये कृत्य न केवल सामाजिक समरसता को ठेस पहुंचाने वाला है, बल्कि संविधान में प्रदत्त समानता एवं सम्मान के अधिकार का भी उल्लंघन करता है। एक जनप्रतिनिधि द्वारा इस प्रकार की मानसिकता समाज में विभाजन और वैमनस्य को बढ़ावा देता है। जो स्वाकारिय नहीं है। ज्ञापन में नाई समाज ने तत्काल प्रकरण की निष्पक्ष जांच करने, संबंधित विधायक से सार्वजनिक मंच से बिना शर्त माफी तथा उनके खिलाफ वैधानिक कार्यवाही कर समाज को न्याय दिलाने की मांग की है अन्यथा समाज चरणबद्ध तरीके से आंदोलन, धरना प्रदर्शन को बाध्य होगा। ज्ञापन देने वालों में रामलाल सैन, रतन लाल सैंन, राजेन्द्र कुमार सैन, रूपचन्द्र सैन, नारायण सैन, जगदीश सैन, चौथमल सैन, बंशीलाल सैन, सुनील सैन, शंकरलाल सैन, सीताराम सैन, दशरथ सैन, दिनेश सैन, दीपक सैन, किशनलाल सैन, सुरेश सैन, नोरतमल सैन, रामरतन सैन, हनुमान सैन, नन्द किशोर सैन, शंभू प्रकाश सैन, श्योजी सैन धनराज सैन सहित बड़ी संख्या में नाई सैन समाज के लोग उपस्थित थे।
टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। तिजारा विधायक महंत बालकनाथ द्वारा नाई (सैन) समाज के अपमानजनक वक्तव्य के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करने को लेकर सैन समाज टोड़ारायसिंह ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम अमित चौधरी को सौंपा है। ज्ञापन में बताया कि गत दिनों तिजारा विधायक महंत बालकनाथ द्वारा एक सार्वजनिक स्थल पर एक अधिकारी जेईएन से बातचीत के दौरान तू जेईएन है या नाई जैसे अत्यंत अपमानजनक और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया, जो सोशल मीडिया तथा समाचारपत्र के माध्यम से प्रसारित हो रहा है। ज्ञापन में बताया कि ये बयान केवल नाई (सैन) समाज का ही नहीं अपितु पूरे मेहनतकश, श्रमिक तथा स्वाभिमानी वर्ग का सीधा अपमान है। विधायक बालकनाथ द्वारा नाई शब्द का प्रयोग जिस तिरस्कारपूर्ण भाव किया गया, उससे स्पष्ट होता है कि एक सम्मानित समाज को हीन और घटिया तथा घृणा दर्शाने का प्रयास कर रहे हैं, जो असहनीय है। ज्ञापन में बताया कि ये कृत्य न केवल सामाजिक समरसता को ठेस पहुंचाने वाला है, बल्कि संविधान में प्रदत्त समानता एवं सम्मान के अधिकार का भी उल्लंघन करता है। एक जनप्रतिनिधि द्वारा इस प्रकार की मानसिकता समाज में विभाजन और वैमनस्य को बढ़ावा देता है। जो स्वाकारिय नहीं है। ज्ञापन में नाई समाज ने तत्काल प्रकरण की निष्पक्ष जांच करने, संबंधित विधायक से सार्वजनिक मंच से बिना शर्त माफी तथा उनके खिलाफ वैधानिक कार्यवाही कर समाज को न्याय दिलाने की मांग की है अन्यथा समाज चरणबद्ध तरीके से आंदोलन, धरना प्रदर्शन को बाध्य होगा। ज्ञापन देने वालों में रामलाल सैन, रतन लाल सैंन, राजेन्द्र कुमार सैन, रूपचन्द्र सैन, नारायण सैन, जगदीश सैन, चौथमल सैन, बंशीलाल सैन, सुनील सैन, शंकरलाल सैन, सीताराम सैन, दशरथ सैन, दिनेश सैन, दीपक सैन, किशनलाल सैन, सुरेश सैन, नोरतमल सैन, रामरतन सैन, हनुमान सैन, नन्द किशोर सैन, शंभू प्रकाश सैन, श्योजी सैन धनराज सैन सहित बड़ी संख्या में नाई सैन समाज के लोग उपस्थित थे।
