टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। भूडा बालाजी मंदिर में अखिल भारतीय चतुर्थ सम्प्रदाय समाज अध्यक्ष हनुमान दास महाराज महंत भगवान दास महाराज तथा बालयोगी तुलसी दास महाराज, रामसुखदास महाराज वेदांती के सानिध्य में सोमवार को प्रतिष्ठाचार्य पंडित आत्माराम गुरजी सहित अन्य विद्वान विपजनों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पश्चिम पीठाधीश्वर मठ सिंगडा सौराष्ट्र गुजरात जगत गुरु स्वामी रामानंदाचार्य वैदेही बल्लभ देवाचार्य महाराज, स्वामी गोविंद दास महाराज श्री धाम आश्रम निरंजनी अखाड़ा हरिद्वार, महंत राम नरेश दास महाराज सूरत गुजरात, मौनी महाराज, गोविंद दास महाराज, राजन दास महाराज तथा राजकुमार दास हनुमान गढ़ी अयोध्या सहित बड़ी संख्या में महंतों, साधु-संतों की उपस्थिति में भगवान राम और माता जानकी, लक्ष्मण तथा हनुमान की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात स्थापित की गई। पुजारी गोपाल वैष्णव ने बताया कि वहीं श्रद्धालु तथा भक्त योगेश कुमार भटनागर अल्पना ज्वैलर्स बरकत नगर टोंक फाटक जयपुर की ओर से भगवान राम और माता जानकी के छप्पन भोग झांकी सजाई गई, तत्पश्चात महाआरती तथा छप्पन भोग लगाया नैवेद्य अर्पित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जयकारों की गूंज सम्पूर्ण कस्बे में सुनाई दी दूसरी ओर महिलाओं ने मंगल गीत गाएं। मंदिर परिसर गूंजायमान हो उठा। भगवान श्रीराम और माता जानकी, लक्ष्मण तथा हनुमान की मूर्ति स्थापना का सौभाग्य मुन्ना लाल गुरजी पटवारी को प्राप्त हुआ, जिन्होंने सर्वाधिक बोली 11 लाख 11 हजार रुपए लगाई, स्वर्ण कलश अशोक कुमार बडीवाल, भगवान का प्रथम पर्दा हटाकर दर्शन अशोक कुमार बडीवाल सपरिवार, शिखर ध्वज हंसराज गुर्जर, पोशाक, चंवर डुलाने का जगन्नाथ मोदी, तथा भगवान राम और माता जानकी की पहली आरती जगन्नाथ मोदी को सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस से पहले प्रतिष्ठाचार्य पंडित आत्माराम गुरजी सहित अन्य विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मुख्य यजमान मुन्ना लाल शर्मा, अशोक कुमार बड़ीवाल ने यज्ञ हवन कुण्ड में आहुतियां दी। इससे पूर्व सभी प्रतिमाओं को प्रतिदिन जलाधिवास, फलाधिवास, अन्नाधिवास, पुष्पादि वास, जलाभिषेक करवाया गया। इस दौरान पेंटर हरिराम गौड़ द्वारा हनुमान जी का मनमोहक और अलौकिक, भव्य श्रृंगार तथा छोला चढ़ाया, जिससे हनुमान जी की दिव्य और प्राचीन मूर्ति बोल उठी।
टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)। भूडा बालाजी मंदिर में अखिल भारतीय चतुर्थ सम्प्रदाय समाज अध्यक्ष हनुमान दास महाराज महंत भगवान दास महाराज तथा बालयोगी तुलसी दास महाराज, रामसुखदास महाराज वेदांती के सानिध्य में सोमवार को प्रतिष्ठाचार्य पंडित आत्माराम गुरजी सहित अन्य विद्वान विपजनों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पश्चिम पीठाधीश्वर मठ सिंगडा सौराष्ट्र गुजरात जगत गुरु स्वामी रामानंदाचार्य वैदेही बल्लभ देवाचार्य महाराज, स्वामी गोविंद दास महाराज श्री धाम आश्रम निरंजनी अखाड़ा हरिद्वार, महंत राम नरेश दास महाराज सूरत गुजरात, मौनी महाराज, गोविंद दास महाराज, राजन दास महाराज तथा राजकुमार दास हनुमान गढ़ी अयोध्या सहित बड़ी संख्या में महंतों, साधु-संतों की उपस्थिति में भगवान राम और माता जानकी, लक्ष्मण तथा हनुमान की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात स्थापित की गई। पुजारी गोपाल वैष्णव ने बताया कि वहीं श्रद्धालु तथा भक्त योगेश कुमार भटनागर अल्पना ज्वैलर्स बरकत नगर टोंक फाटक जयपुर की ओर से भगवान राम और माता जानकी के छप्पन भोग झांकी सजाई गई, तत्पश्चात महाआरती तथा छप्पन भोग लगाया नैवेद्य अर्पित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जयकारों की गूंज सम्पूर्ण कस्बे में सुनाई दी दूसरी ओर महिलाओं ने मंगल गीत गाएं। मंदिर परिसर गूंजायमान हो उठा। भगवान श्रीराम और माता जानकी, लक्ष्मण तथा हनुमान की मूर्ति स्थापना का सौभाग्य मुन्ना लाल गुरजी पटवारी को प्राप्त हुआ, जिन्होंने सर्वाधिक बोली 11 लाख 11 हजार रुपए लगाई, स्वर्ण कलश अशोक कुमार बडीवाल, भगवान का प्रथम पर्दा हटाकर दर्शन अशोक कुमार बडीवाल सपरिवार, शिखर ध्वज हंसराज गुर्जर, पोशाक, चंवर डुलाने का जगन्नाथ मोदी, तथा भगवान राम और माता जानकी की पहली आरती जगन्नाथ मोदी को सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस से पहले प्रतिष्ठाचार्य पंडित आत्माराम गुरजी सहित अन्य विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मुख्य यजमान मुन्ना लाल शर्मा, अशोक कुमार बड़ीवाल ने यज्ञ हवन कुण्ड में आहुतियां दी। इससे पूर्व सभी प्रतिमाओं को प्रतिदिन जलाधिवास, फलाधिवास, अन्नाधिवास, पुष्पादि वास, जलाभिषेक करवाया गया। इस दौरान पेंटर हरिराम गौड़ द्वारा हनुमान जी का मनमोहक और अलौकिक, भव्य श्रृंगार तथा छोला चढ़ाया, जिससे हनुमान जी की दिव्य और प्राचीन मूर्ति बोल उठी।

