उनियारा उपखण्ड क्षेत्र में वन विभाग तथा खनिज विभाग से नहीं रूक पा रहा है अवैध खनन




- दिनदहाडे क्षेत्र में होता है अवैध पत्थर बजरी परिवहन

- नील गाय हत्या प्रकरण का नहीं हुआ अभी तक खुलासा

उनियारा (सच्चा सागर)। उनियारा उपखण्ड क्षेत्र में वन विभाग एवं खनिज विभाग की कार्यवाही के बावजूद अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र में दिनदहाड़े अवैध पत्थर एवं बजरी का खनन और परिवहन जारी है, जिससे खनन माफियाओं के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। तेज रफ्तार से दौड़ते बजरी और पत्थर से भरे वाहनों से आमजन परेशान हैं तथा दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से विभागों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।       

रात्रि चौपाल में उठा था अवैध बजरी परिवहन का मुद्दा

ककोड़ में आयोजित जिला कलेक्टर की रात्रि चौपाल में अवैध बजरी परिवहन का मामला प्रमुखता से उठा था। देवली-उनियारा विधायक राजेन्द्र गुर्जर ने वन विभाग के रेंजर पंकज शर्मा पर अवैध बजरी खनन को संरक्षण देने, परिवहन के साधनों को निकलवाने, छोटी सडक़ों को नुकसान पहुंचाने एवं भेदभाव करने जैसे गंभीर आरोप जिला कलेक्टर के समक्ष लगाए थे। इसके बावजूद नगरफोर्ट थाना क्षेत्र सहित बनेठा इलाके में अवैध पत्थर एवं बजरी खनन-परिवहन धड़ल्ले से जारी होने की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागों की ढिलाई के कारण खनन माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग और खनिज विभाग अपनी जिम्मेदारी पुलिस विभाग पर डालते नजर आते हैं। लोगों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो क्षेत्र की पहाडिय़ों, नदियों एवं प्राकृतिक सौंदर्य को भारी नुकसान पहुंच सकता है।       

नीलगाय शिकार मामलों का अब तक नहीं हुआ खुलासा

उपखण्ड के पलाई क्षेत्र में दायीं बीसलपुर नहर के पास गर्भवती नीलगाय की हत्या, बनेठा क्षेत्र में नीलगाय शिकार तथा हुकमपुरा तालाब में चार नीलगायों के कटे सिर मिलने जैसी घटनाओं ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। तीनों मामलों में वन विभाग एवं पुलिस मौके पर पहुंची थी तथा अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। हालांकि महीनों गुजर जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है और न ही मामलों का खुलासा हो पाया है। इससे आमजन में नाराजगी बढ़ रही है तथा वन विभाग और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मीडिया द्वारा जानकारी लेने पर संबंधित अधिकारी अक्सर मामले को टालते नजर आते हैं। कभी प्रेस नोट जारी करने, तो कभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जानकारी देने की बात कही जाती है, लेकिन समय पर तथ्य सामने नहीं आ पाते। क्षेत्र की जनता अब इन मामलों के शीघ्र खुलासे और अवैध खनन पर प्रभावी रोक की मांग कर रही है।                


एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने