आरजीएचएस व्यवस्था सुचारू करने की मांग को लेकर पेंशनर्स ने सौंपा ज्ञापन


टोड़ारायसिंह (सच्चा सागर)।
राजस्थान पेंशनर समाज उप शाखा टोड़ारायसिंह ने पेंशनर्स को आरजीएचएस में अनुमोदित विकित्सालयों एवं फार्मा स्टोर्स द्वारा नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा बिना किसी व्यवधान के नियमित रूप से उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार राहुल पारीक को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बताया कि पिछले लगभग एक वर्ष से पेंशनर्स को अनुमोदित चिकित्सालयों से आरजीएचएस में निशुल्क उपचार प्राप्त करने में अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गत 14 अप्रैल से प्रदेश में पेंशनर्स को न तो सूचीबद्ध अनुमोदित चिकित्सालयों में चिकित्सा सुविधा मिल रही है और ना ही फार्मा स्टोर्स से निशुल्क दवाई मिल रही है। राजस्थान पेंशनर समाज विगत तीन माह में कई बार चिकित्सा विभाग और आरजीएचएस के अधिकारियों से सम्पर्क कर इस समस्या के निवारण का अनुरोध कर चुका है, किन्तु इस सम्बन्ध में कोई सकारात्मक कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई। ज्ञापन में बताया कि प्रदेश भर में पेंशनरों में व्याप्त आक्रोश को मध्य नजर रखते हुए प्रदेश नेतृत्व द्वारा 6 मई को मुख्य सचिव, राजस्थान को नोटिस देकर अवगत करा दिया गया था कि 11 मई तक यदि व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित नहीं की गई तो राजस्थान पेंशनर समाज को समस्त राजस्थान में उम्र के इस अन्तिम पड़ाव पर भी आन्दोलनात्मक कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ेगा। लेकिन खेद के साथ आपको अवगत कराना पड़ रहा है कि आज तक इस सम्बन्ध में कोई सुधार नहीं हुआ है। पेंशनर्स को आरजीएचएस के तहत पूरे राजस्थान में ना तो दवा मिल रही है और ना ही अनुमोदित चिकित्सालयों में निशुल्क उपचार मिल पा रहा है। उल्लेखनीय है कि वृद्धावस्था के कारण अधिकांश पेंशनर्स नियमित उपचार प्राप्त कर ही अपना जीवन चला पा रहे हैं। यदि चिकित्सा सुविधा के अभाव में किसी पेंशनर के साथ कोई अप्रिय घटना घटित हो जाती है तो उसकी सम्पूर्ण जवाबदारी राजस्थान सरकार की होगी और इसे राजस्थान पेंशनर समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।परिप्रेक्ष्य में 13 मई को राजस्थान के सभी जिलों के जिलाध्यक्ष एवं पेंशनर्स ने अपना आक्रोश प्रदर्शित करते हुए ज्ञापन देकर आपसे अनुरोध किया था, कि आरजीएचएस के अन्तर्गत पेंशनरों की निशुल्क चिकित्सा एवं दवाई की व्यवस्था अविलम्ब सुचारू की जाए परन्तु अब तक भी अपेक्षित सुधार नहीं होने के कारण इस उम्र के पड़ाव में वृद्ध पेंशनर्स को पुन: उपखण्ड/तहसील स्तर पर राज्य सरकार को सद्बुद्धि हेतु धरना प्रदर्शन के माध्यम से यह ज्ञापन देने को मजबूर होना पड़ रहा है। ज्ञापन में आरजीएचएस को बीमा मोड पर नहीं दिया जाये। आरजीएचएस में पेंशनर्स हेतु ओपीडी एवं आईपीडी की वर्तमान व्यवस्था को यथावत जारी रखा जावे तथा मूल योजना में किसी प्रकार की छेडछाड़ नहीं की जावे। आरजीएचएस में नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ न मिलने के कारण होस्पीटल्स एवं फार्मा स्टोर्स की बहिष्कार अवधि में (14 अप्रैल से पुन: नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने तक) जिन भी पेंशनर्स द्वारा नकद भुगतान कर चिकित्सा सुविधा प्राप्त की गई है, उनको उक्त सम्पूर्ण राशि का पुनर्भरण करवाया जावे।अनुमोदित चिकित्सालयों एवं फार्मा स्टोर्स को समयबद्ध नियमित भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जा जिससे पेंशनर्स को बार-बार होने वाली परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। ज्ञापन देने वालों में कार्यकारी अध्यक्ष हंसराज चौधरी, मंत्री मदनलाल जैन, शिव नारायण हाडा, रामलाल जाट, हनुमान प्रसाद कुर्मी, हरि सहाय शर्मा, राम सहाय शिल्पकार, हरलाल गुर्जर, कन्हैयालाल धाकड़, रामकरण माली, सीताराम शर्मा, गंगा सहाय शर्मा, चंद्र प्रकाश शर्मा, जगदीश जाट, शिवलाल कुम्हार, सुरेश पारीक, दल्लाराम माली, छीतर लाल शिल्पकार, गोपाल जांगिड़, दिनेश तिवाड़ी, कैलाश शर्मा, गोवर्धन कुर्मी, रामलाल धाकड़ सहित बड़ी संख्या में पेंशनर्स मौजूद रहें।     


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