निवाई (सच्चा सागर)। शहर के मुख्य बस स्टैंड पर स्थित लगभग एक सदी पुराना नगर पालिका भवन अब इतिहास के पन्नों में दफन होने जा रहा है। प्रशासन ने इस जर्जर हो चुके ऐतिहासिक भवन को ढ़हाने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन द्वारा पुराने पालिका भवन के चारों तरफ मजबूत बैरिकेडिंग कर दी गई है, ताकि मलबे या तोडफ़ोड़ से किसी भी राहगीर को नुकसान न पहुंचे। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस भवन को हटाने के लिए पिछले कई सालों से लगातार मांग उठाई जा रही थी। व्यस्त बस स्टैंड परिसर में इस अनुपयोगी भवन के खड़े रहने से न सिर्फ हादसों का डर बना रहता था, बल्कि बसों के आवागमन और यात्रियों के लिए जगह भी बेहद कम पड़ती थी। शहरवासी लंबे समय से इस जगह को खाली करवाकर बस स्टैंड का दायरा बढ़ाने की वकालत कर रहे थे। भवन के पूरी तरह जमींदोज होने के बाद यहां की सबसे बड़ी समस्या ‘यातायात जाम’ और ‘स्थान की कमी’ से निजात मिलने की उम्मीद है। बस स्टैंड का विस्तार होने से ग्रामीण और शहरी रूट की बसों को पार्क करने के लिए अतिरिक्त जगह मिलेगी। साथ ही, यात्रियों के बैठने और बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए नया रोडमैप तैयार किया जा सकेगा। प्रशासनिक अमले ने मौके पर मशीनें और मजदूर तैनात कर तोडऩे का काम युद्धस्तर पर चालू कर दिया है। हालांकि, अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस मलबे के हटने के बाद प्रशासन कितनी मुस्तैदी दिखाता है। निवाई वासियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद कितनी जल्दी बस स्टैंड के आधुनिक विस्तार की सौगात धरातल पर नजर आती है।
निवाई (सच्चा सागर)। शहर के मुख्य बस स्टैंड पर स्थित लगभग एक सदी पुराना नगर पालिका भवन अब इतिहास के पन्नों में दफन होने जा रहा है। प्रशासन ने इस जर्जर हो चुके ऐतिहासिक भवन को ढ़हाने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन द्वारा पुराने पालिका भवन के चारों तरफ मजबूत बैरिकेडिंग कर दी गई है, ताकि मलबे या तोडफ़ोड़ से किसी भी राहगीर को नुकसान न पहुंचे। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस भवन को हटाने के लिए पिछले कई सालों से लगातार मांग उठाई जा रही थी। व्यस्त बस स्टैंड परिसर में इस अनुपयोगी भवन के खड़े रहने से न सिर्फ हादसों का डर बना रहता था, बल्कि बसों के आवागमन और यात्रियों के लिए जगह भी बेहद कम पड़ती थी। शहरवासी लंबे समय से इस जगह को खाली करवाकर बस स्टैंड का दायरा बढ़ाने की वकालत कर रहे थे। भवन के पूरी तरह जमींदोज होने के बाद यहां की सबसे बड़ी समस्या ‘यातायात जाम’ और ‘स्थान की कमी’ से निजात मिलने की उम्मीद है। बस स्टैंड का विस्तार होने से ग्रामीण और शहरी रूट की बसों को पार्क करने के लिए अतिरिक्त जगह मिलेगी। साथ ही, यात्रियों के बैठने और बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए नया रोडमैप तैयार किया जा सकेगा। प्रशासनिक अमले ने मौके पर मशीनें और मजदूर तैनात कर तोडऩे का काम युद्धस्तर पर चालू कर दिया है। हालांकि, अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस मलबे के हटने के बाद प्रशासन कितनी मुस्तैदी दिखाता है। निवाई वासियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद कितनी जल्दी बस स्टैंड के आधुनिक विस्तार की सौगात धरातल पर नजर आती है।
