मनरेगा और पीएम आवास योजना में गड़बड़ी, 15 दिन में मांगा जवाब
टोंक (सच्चा सागर)। जिला मुख्यालय टोंक में सरकारी योजनाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर अब कार्रवाई शुरू हो गई है। मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना में कार्यों में लापरवाही को लेकर टोंक जिले की 7 पंचायत समितियों के विकास अधिकारियों (बीडीओ) को चार्जशीट जारी की गई है। जानकारी के अनुसार देवली, टोडारायसिंह, मालपुरा, उनियारा, निवाई, पीपलू और टोंक पंचायत समितियों के बीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्य में मिली गंभीर अनियमितताएं
जांच के दौरान सामने आया कि कई स्थानों पर मनरेगा के कार्यों में गुणवत्ता की कमी पाई गई, वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र लोगों को लाभ नहीं मिल सका। कई मामलों में निर्माण कार्य अधूरे पाए गए और प्रगति रिपोर्ट में भी गड़बडिय़ां सामने आईं।
6 बिंदुओं पर मांगा गया स्पष्टीकरण
चार्जशीट में सभी बीडीओ से 6 प्रमुख बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है। इसमें योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही, समय पर कार्य पूर्ण नहीं करना, रिकॉर्ड में गड़बड़ी, लाभार्थियों के चयन में अनियमितता, निगरानी की कमी और वित्तीय प्रबंधन में खामियों को शामिल किया गया है।
निर्धारित समय में देना होगा जवाब
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे 15 दिनों के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करें। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले में हडक़ंप मच गया है। इससे पहले भी कई बार योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर शिकायतें मिलती रही हैं, जिसके बाद अब यह सख्त कदम उठाया गया है।