निवाई (सच्चा सागर)। पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राहोली में संचालित 15 दिवसीय अभिरुचि शिविर के अंतर्गत विश्व तम्बाकू निषेध दिवस उत्साह एवं जागरूकता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज को तम्बाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। प्रधानाचार्य डॉ. योगेन्द्र सिंह नरूका ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को तम्बाकू, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से शरीर पर पडऩे वाले गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि तम्बाकू सेवन कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी, श्वसन संबंधी समस्याओं सहित अनेक घातक बीमारियों का प्रमुख कारण बनता है। इसके साथ ही तम्बाकू न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति एवं सामाजिक वातावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा पोस्टर निर्माण, नारा लेखन, जागरूकता संदेश एवं विचार अभिव्यक्ति गतिविधियों के माध्यम से तम्बाकू निषेध का प्रभावशाली संदेश दिया गया। अभिरूचि शिविर प्रभारी सांवरलाल बैरवा व गोविंद हाथीवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी देश का भविष्य है, इसलिए उन्हें नशे एवं तम्बाकू जैसी हानिकारक प्रवृत्तियों से दूर रहकर स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सकारात्मक मूल्यों को अपनाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय में संचालित 15 दिवसीय अभिरुचि शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को निखारने के साथ-साथ उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व, स्वास्थ्य चेतना एवं नैतिक मूल्यों का विकास भी किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ ने तम्बाकू मुक्त विद्यालय एवं तम्बाकू मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया तथा सभी को तम्बाकू सेवन से दूर रहने और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, आत्मअनुशासन एवं सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
निवाई (सच्चा सागर)। पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राहोली में संचालित 15 दिवसीय अभिरुचि शिविर के अंतर्गत विश्व तम्बाकू निषेध दिवस उत्साह एवं जागरूकता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज को तम्बाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। प्रधानाचार्य डॉ. योगेन्द्र सिंह नरूका ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को तम्बाकू, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से शरीर पर पडऩे वाले गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि तम्बाकू सेवन कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी, श्वसन संबंधी समस्याओं सहित अनेक घातक बीमारियों का प्रमुख कारण बनता है। इसके साथ ही तम्बाकू न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति एवं सामाजिक वातावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा पोस्टर निर्माण, नारा लेखन, जागरूकता संदेश एवं विचार अभिव्यक्ति गतिविधियों के माध्यम से तम्बाकू निषेध का प्रभावशाली संदेश दिया गया। अभिरूचि शिविर प्रभारी सांवरलाल बैरवा व गोविंद हाथीवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी देश का भविष्य है, इसलिए उन्हें नशे एवं तम्बाकू जैसी हानिकारक प्रवृत्तियों से दूर रहकर स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सकारात्मक मूल्यों को अपनाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय में संचालित 15 दिवसीय अभिरुचि शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को निखारने के साथ-साथ उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व, स्वास्थ्य चेतना एवं नैतिक मूल्यों का विकास भी किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ ने तम्बाकू मुक्त विद्यालय एवं तम्बाकू मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया तथा सभी को तम्बाकू सेवन से दूर रहने और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, आत्मअनुशासन एवं सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
