टोंक। (सच्चा सागर )जिले के बहुचर्चित अरनिया केदार गांव में गुमनाम जमीनों की फर्जी रजिस्ट्री कर हड़पने से जुड़े मामले में राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने टोंक नगर परिषद के निवर्तमान पार्षद राहुल सैनी व एक अन्य आरोपी को अंतरिम राहत प्रदान की है। न्यायाधीश प्रमिल कुमार माथुर की एकलपीठ ने अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए आरोपियों को 27 मई से पूर्व मामले के अनुसंधान अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। प्रकरण में प्रार्थी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आरबी माथुर एवं लक्ष्मीकांत शर्मा मालपुरा ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि अरनिया केदार में खसरा नंबर 88 की 20 बीघा एवं खसरा नंबर 1031 की 10 बीघा जमीन पर कथित रूप से पांच फर्जी रजिस्ट्रियां कराने के संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज किया था। अधिवक्ताओं ने दलील दी कि याचिकाकर्ता जमीन के खरीदार हैं और जिन व्यक्तियों ने उनके नाम रजिस्ट्री करवाई, उन्हीं के द्वारा कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। इसमें याचिकाकर्ताओं की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि जब उन्हें इस बात की जानकारी मिली, तो उन्होंने स्वयं संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया तथा सिविल कोर्ट में वसूली का दावा भी प्रस्तुत किया है। अदालत ने पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दोनों आरोपियों को अंतरिम राहत देते हुए जांच में सहयोग करने के निर्देश जारी किए हैं।
अरनिया केदार फर्जी रजिस्ट्री प्रकरण : हाईकोर्ट से दो आरोपियों को अंतरिम राहत
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