सरस्वती मीना को पीएचडी उपाधि, समकालीन साहित्य में दिया महत्वपूर्ण शोध योगदान

 सरस्वती मीना को पीएचडी उपाधि, समकालीन साहित्य में दिया महत्वपूर्ण शोध योगदान



दौसा ( सच्चा सागर) । राजकीय महाविद्यालय खैरथल के अँग्रेज़ी संकाय में सहायक आचार्य के रूप में कार्यरत सरस्वती मीना (पुत्री  शिवराम मीना, ग्राम चान्देरा, तहसील सिकराय, जिला दौसा) ने शैक्षणिक जगत में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करवाई है। उन्हें राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के अंग्रेज़ी विभाग से पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है।


सरस्वती मीना ने अपना शोध कार्य “Ecocritical Perspective in Selected Novels of Amitav Ghosh and Anita Desai” विषय पर डॉ. मोहित के निर्देशन में पूरा किया। उनके शोध में पर्यावरणीय चेतना, मनुष्य–प्रकृति संबंध, पर्यावरणीय अन्याय और साहित्य में प्रकृति के चित्रण जैसे समकालीन व संवेदनशील मुद्दों का गहन विश्लेषण शामिल है। यह शोध न केवल भारतीय अंग्रेज़ी साहित्य में पर्यावरणीय विमर्श को नई दिशा प्रदान करता है, बल्कि आधुनिक साहित्यिक परिप्रेक्ष्य में प्रकृति और मानवीय अस्तित्व के अंतर्संबंधों पर महत्वपूर्ण दृष्टिकोण भी प्रस्तुत करता है। सरस्वती मीना की इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी की लहर है तथा शिक्षकों, सहकर्मियों और विद्यार्थियों ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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