निवाई वर्ष 2018 में निवाई थाना क्षेत्र में हुए चर्चित रोशन प्रकरण में टोंक स्थित विशिष्ट न्यायालय ने सात आरोपियों को दोषी ठहराते हुए विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई है। न्यायालय ने हत्या के प्रयास के मामले में सभी दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास तथा जुर्माने से दंडित किया है। मामले में एक युवक की आंख की रोशनी स्थायी रूप से चली गई थी।विशिष्ट न्यायाधीश, अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम न्यायालय टोंक की पीठासीन अधिकारी आरती माहेश्वरी ने यह निर्णय सुनाया।
विशिष्ट लोक अभियोजक मेघराज जाट ने बताया कि 10 जनवरी 2018 को परिवादी कैलाश ने निवाई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार वह अपने साथियों के साथ सुरेश के कुएं की ओर जा रहा था, तभी आरोपियों ने रास्ता रोककर लाठी, तलवार और बंदूक से हमला कर दिया। आरोप है कि मारपीट के दौरान बंदूक से फायर किया, जिससे सुरेश गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले में उसकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई थी। अन्य लोगों को भी चोटें आई थीं।पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 25 गवाह, 68 दस्तावेज और 8 आर्टिकल्स पेश कर अपने आरोप साबित किए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपियों को दोषी करार दिया।न्यायालय ने धारा 307/149 के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके अलावा धारा 326/149 में 7 वर्ष, धारा 325/149 में 5 वर्ष तथा अन्य धाराओं में भी अलग-अलग अवधि के कारावास और जुर्माने से दंडित किया गया है। मुख्य आरोपी परशुराम को आयुध अधिनियम की धारा 3/25 में अतिरिक्त 5 वर्ष के कारावास की सजा भी सुनाई गई है।
न्यायालय ने पीड़ित पक्ष को प्रतिकर योजना के तहत सहायता राशि उपलब्ध कराने के लिए भी अनुशंसा की है।
