नासिरदा (सच्चा सागर)। टोंक जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत नासिरदा में सिंचाई नहर की सफाई नहीं होने से ग्रामीणों को मच्छर जनित बीमारियों का सामना करना पड़ रहा हैं। कस्बे में स्थित 17 वार्डों में नालियों की सफाई नहीं होने से ग्रामीणों को गंदगी व बदबूदार जिंदगी जीने को मजबूर होना पड़ रहा है। टोंक सिंचाई नहर के अधिकारी वह कर्मचारी आंखें बंद करके बैठ हुए हैं, सिंचाई नहर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है, लेकिन अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं हैं। ग्रामीणों ने बताया कि साल में एक बार भी सिंचाई नहर की सफाई नहीं होती हैं। ग्राम पंचायत नासिरदा की उदासीनता के चलते कस्बे की नालियों की सफाई नहीं हो रही, इसके चलते सडक़ पर कीचड़ फैला हुआ रहता है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द सिंचाई नहर व नालियों की सफाई कराने की मांग की है।
नासिरदा (सच्चा सागर)। टोंक जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत नासिरदा में सिंचाई नहर की सफाई नहीं होने से ग्रामीणों को मच्छर जनित बीमारियों का सामना करना पड़ रहा हैं। कस्बे में स्थित 17 वार्डों में नालियों की सफाई नहीं होने से ग्रामीणों को गंदगी व बदबूदार जिंदगी जीने को मजबूर होना पड़ रहा है। टोंक सिंचाई नहर के अधिकारी वह कर्मचारी आंखें बंद करके बैठ हुए हैं, सिंचाई नहर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है, लेकिन अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं हैं। ग्रामीणों ने बताया कि साल में एक बार भी सिंचाई नहर की सफाई नहीं होती हैं। ग्राम पंचायत नासिरदा की उदासीनता के चलते कस्बे की नालियों की सफाई नहीं हो रही, इसके चलते सडक़ पर कीचड़ फैला हुआ रहता है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द सिंचाई नहर व नालियों की सफाई कराने की मांग की है।
